चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Vigilance Department Bribery Scandal: Troubles Mount as Punjab Vigilance DGP’s Name Appears in CBI FIR) केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले की एफआईआर में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो प्रमुख के रीडर और तीन अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस एफआईआर में पंजाब के डीजीपी (विजिलेंस) Sharad Satya Chauhan का नाम भी सामने आने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
हालांकि एफआईआर में शरद सत्य चौहान को आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज मामले के विवरण में उनका उल्लेख किया गया है।
सीबीआई की 11 मई की सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार, “आरोपी राघव गोयल और विकास गोयल ने शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपये की मांग की थी। यह रकम पंजाब विजिलेंस विभाग के डीजीपी के रीडर ओपी राणा और डीजीपी (विजिलेंस) पंजाब के नाम पर मांगी गई थी, ताकि शिकायतकर्ता अमित कुमार के खिलाफ लंबित शिकायत को बंद करवाया जा सके।”
एफआईआर में आगे कहा गया है कि 8 मई को अबोहर निवासी राज्य कर अधिकारी अमित कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि निजी ठेकेदार विकास गोयल और उसका बेटा राघव गोयल, पंजाब विजिलेंस के डीजीपी शरद सत्य चौहान और उनके रीडर ओपी राणा की ओर से बिचौलिये के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने कथित तौर पर शिकायत को बंद करवाने के बदले अवैध रिश्वत की मांग की थी।
सीबीआई इस मामले में आपराधिक साजिश, सरकारी कर्मचारी द्वारा अनुचित लाभ की मांग और भ्रष्ट या अवैध तरीकों से प्रभाव डालकर फायदा पहुंचाने जैसे आरोपों की जांच कर रही है।
चंडीगढ़ स्थित सीबीआई एंटी करप्शन ब्यूरो थाने में 11 मई को दर्ज एफआईआर में जिन आरोपियों के नाम शामिल हैं, उनमें पंजाब डीजीपी (विजिलेंस) के रीडर ओपी राणा, मलोट निवासी विकास गोयल, उसका बेटा राघव गोयल और कुछ अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्ति शामिल हैं।



















