चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Every fourth person in the world is suffering from this serious disease! The full report will leave you shocked”) हर साल 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया जाता है, जिसका मकसद लोगों को हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के खतरे के प्रति जागरूक करना है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, गुस्सा, गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल लोगों को तेजी से इस गंभीर बीमारी की ओर धकेल रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इस समय दुनिया का हर चौथा व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहा है, जबकि भारत की करीब 30 प्रतिशत आबादी इससे प्रभावित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में हाइपरटेंशन का खतरा ज्यादा देखा जाता है। मोटापा, तनाव, आनुवंशिक कारण, धूम्रपान, शराब और ज्यादा नमक का सेवन इसके बड़े कारण बन रहे हैं। हाई BP को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी चेतावनी के शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाता रहता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, ब्रेन हेमरेज और दिल की विफलता जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार सामान्य व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 माना जाता है, लेकिन यदि यह 140/90 या उससे ऊपर पहुंच जाए तो इसे हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है। इससे बचने के लिए रोजाना नमक का सेवन कम करना बेहद जरूरी है। साथ ही चाय, कॉफी, तंबाकू, शराब और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनानी चाहिए।
विशेषज्ञ रोजाना कम से कम 30 मिनट की सैर, योग, मेडिटेशन और नियमित एक्सरसाइज करने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गुस्सा और मानसिक तनाव भी ब्लड प्रेशर बढ़ाने की बड़ी वजह है। इसलिए मन को शांत रखना और सकारात्मक जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। समय-समय पर डॉक्टर से जांच करवाकर और सही दवाइयां लेकर इस बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।



















