चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“‘‘Former PSPCL CMD Arrested in Multi-Crore Vigilance Scam”) लुधियाना में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले को लेकर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के पूर्व CMD केडी चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में उनके साथ तत्कालीन SDO संजीव प्रभाकर और बिल्डर अमित गर्ग को भी हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह मामला 66 केवी सब-स्टेशन की स्थापना में सरकारी फंड के दुरुपयोग और नियमों की अनदेखी से जुड़ा हुआ है।
विजिलेंस जांच के अनुसार, लुधियाना की निजी हाउसिंग कॉलोनी ‘बसंत एवेन्यू’ में लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च कर 66 केवी का सब-स्टेशन लगाया गया। आरोप है कि इस परियोजना का पूरा खर्च कॉलोनाइजर को उठाना था, लेकिन अधिकारियों और बिल्डर की कथित मिलीभगत से सरकारी फंड का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कॉलोनी की NOC और बिजली लोड की संयुक्त जांच सही तरीके से नहीं की गई।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिस जगह सब-स्टेशन लगाया गया, वहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क तक मौजूद नहीं थी और यह क्षेत्र खेतों के बीच स्थित था। इसके बावजूद तत्कालीन अधिकारियों ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। विजिलेंस का कहना है कि प्रस्ताव में मौजूद कई तकनीकी खामियों को नजरअंदाज किया गया, जिससे निजी कॉलोनी को सीधा फायदा पहुंचा।
फिलहाल विजिलेंस ब्यूरो मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है और गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पंजाब के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मामला अब और बड़े खुलासों की ओर बढ़ सकता है।



















