चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Stray Dog Row”) पंजाब में आवारा और खूंखार कुत्तों के खिलाफ शुरू होने जा रहे अभियान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पंजाब की राजनीति से लेकर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री तक में बहस छिड़ गई है। सीएम मान ने 22 मई से राज्य में लोगों के लिए खतरा बन चुके आवारा कुत्तों के खिलाफ अभियान शुरू करने की जानकारी दी थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करेगी।
हालांकि इस पोस्ट के बाद कई कलाकारों और नेताओं ने सरकार के फैसले पर सवाल उठा दिए। पूर्व क्रिकेटर और नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर मुख्यमंत्री आदेश को ठीक से नहीं समझ पाए हैं तो उसे दोबारा पढ़ लें या किसी से समझ लें।
वहीं पंजाबी अभिनेत्री सोनम बाजवा ने भी इस अभियान पर चिंता जताते हुए कहा कि बिना किसी ठोस योजना और पर्याप्त शेल्टर होम के ऐसा अभियान शुरू करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि बेजुबान जानवरों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।
पंजाबी गायक रूपिंदर हांडा ने भी सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि हर जीव को जीने का अधिकार है और सभी कुत्तों को खतरनाक मान लेना गलत होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को कुत्तों के लिए शेल्टर होम और बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए।
दूसरी ओर, पंजाब में डॉग बाइट के बढ़ते मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। आंकड़ों के अनुसार 2025 में राज्य में 3.34 लाख डॉग बाइट के मामले सामने आए थे, जबकि 2026 में अब तक 50 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं। पिछले पांच वर्षों में कुत्तों के काटने के मामलों में तीन गुना तक बढ़ोतरी हुई है। इसी मुद्दे को लेकर पंजाब-चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग और स्वास्थ्य विभाग भी लगातार सक्रिय हैं।



















