चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Bus Services on Brink of Shutdown: Employees Announce CM Residence Gherao on June 11”) पंजाब में सरकारी बस सेवाओं पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। अपनी लंबित मांगों को लेकर पनबस (PunBus) और पीआरटीसी (PRTC) के कच्चे कर्मचारियों ने राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों के इस फैसले से आने वाले दिनों में लाखों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। हड़ताल की शुरुआत पनबस कर्मचारियों द्वारा की गई है, जबकि पीआरटीसी के संविदा कर्मचारी भी इसमें शामिल होने जा रहे हैं, जिससे राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में किलोमीटर स्कीम बसों का विरोध, कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना तथा निलंबित और नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों की बहाली शामिल है। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार ने उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जबकि कई बार उन्हें जल्द समाधान का भरोसा दिया गया था।
कर्मचारियों ने वित्त मंत्री के हालिया फैसलों पर भी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि निजी बस ऑपरेटरों को बढ़ावा देने के बजाय सरकारी बस बेड़े को मजबूत किया जाना चाहिए था। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है।
हड़ताली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 11 जून को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। ऐसे में परिवहन सेवाओं के पूरी तरह प्रभावित होने और आंदोलन के और तेज होने की संभावना बढ़ गई है। पंजाब में सरकारी बसों पर निर्भर यात्रियों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे साबित हो सकते हैं।



















