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पंजाब में विधानसभा चुनावों को लेकर RSS की मैराथन बैठक, बीजेपी को “बड़े ब्रेकथ्रू” के विश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश

चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

(RSS Holds Marathon Meeting Ahead of Punjab Assembly Elections; BJP Urged to Move Forward with Confidence of a “Major Breakthrough”.)पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने मंगलवार को एक लंबी और अहम रणनीतिक बैठक की। इस करीब आठ घंटे तक चली मैराथन बैठक में संघ ने अपने कार्यकर्ताओं और सहयोगी संगठनों को यह संदेश दिया कि वे हरियाणा और पश्चिम बंगाल की तरह “बड़े चुनावी ब्रेकथ्रू” के आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।

चंडीगढ़ में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक का नेतृत्व RSS के संयुक्त महासचिव अरुण कुमार और BJP के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने किया। बैठक में पंजाब के विभिन्न संघ संगठनों के प्रमुखों के साथ-साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने भी हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान पंजाब के जमीनी हालात का गहन आकलन किया गया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा। इनमें किसान, महिलाएं, युवा, डेरा समुदाय, अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और राज्य के अन्य प्रभावशाली वर्ग शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, संघ ने सीमा से सटे राज्य पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने को लेकर आशा व्यक्त की और बीजेपी समेत सभी सहयोगी संगठनों को पूरी ताकत से चुनावी तैयारी में जुटने का निर्देश दिया।

बैठक में जिन प्रमुख मुद्दों को चुनावी एजेंडा के रूप में चिन्हित किया गया, उनमें धार्मिक धर्मांतरण, कानून-व्यवस्था की स्थिति, नशे की समस्या, आर्थिक अव्यवस्था और सीमा पार से आतंकवादी खतरे शामिल हैं। इसके अलावा RSS ने अपने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि वे अकाल तख्त द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को “एंटी-गुरु” घोषित करने के फैसले का जमीनी प्रभाव भी समझें और उसका आकलन करें।

इस बैठक में बीजेपी की ओर से पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल, महिला मोर्चा अध्यक्ष जय इंदर कौर, वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया, पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना और श्वेत मलिक जैसे कई बड़े नेता शामिल हुए। इसके अलावा बीजेपी महासचिव तरुण चुघ और पंजाब सह-प्रभारी नरेंद्र रैना भी मौजूद रहे।
RSS की ओर से संगठन मंत्री मंत्री श्रीनिवासुलु और वरिष्ठ प्रचारक सौदान सिंह ने भाग लिया। बैठक में संघ के सभी सहयोगी संगठनों के साथ विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें बीजेपी की वर्तमान चुनावी स्थिति का विश्लेषण भी शामिल था।

बताया गया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब में बीजेपी को करीब 19% वोट शेयर मिला था। बैठक में यह सहमति बनी कि अगर सभी वर्गों तक प्रभावी तरीके से पहुंच बनाई जाए तो पार्टी इस वोट प्रतिशत को और बढ़ा सकती है। नेताओं ने यह भी याद दिलाया कि बीजेपी ने 2019 में 9.63% और 2022 के विधानसभा चुनाव में 6.6% वोट शेयर हासिल किया था, जो 2024 में बढ़कर लगभग 18.56% हो गया।

RSS नेताओं ने उदाहरण देते हुए कहा कि संघ परिवार ने हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे कठिन राज्यों में भी पहले बड़े चुनावी परिणाम हासिल किए हैं, इसलिए पंजाब में भी ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बैठक में एकजुटता और सामूहिक प्रयासों पर विशेष जोर दिया गया।

इस बैठक में RSS के सहयोगी संगठनों जैसे भारतीय किसान संघ, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय मजदूर संघ, ABVP, सेवा भारती, विद्या भारती और राष्ट्रीय सिख संगत ने भी हिस्सा लिया।

बीजेपी नेताओं की SAD से गठबंधन की वकालत
बैठक के दौरान बीजेपी के कुछ नेताओं ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ चुनाव से पहले गठबंधन करने की पैरवी भी की। हालांकि, इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी को पंजाब की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करने का निर्देश दिया है।

कुल मिलाकर, यह बैठक पंजाब में बीजेपी और संघ की आगामी चुनावी रणनीति का बड़ा संकेत मानी जा रही है, जिसमें संगठन विस्तार, सामाजिक पहुंच और प्रमुख मुद्दों पर फोकस के जरिए मजबूत प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।

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