चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Punjab Bus Strike Ends After Govt Accepts Key Demands) पंजाब रोडवेज, पनबस (Punbus) और पीआरटीसी (PRTC) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों पर सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद दो दिनों से जारी राज्यव्यापी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पूरे पंजाब में प्रभावित हुई बस सेवाओं के धीरे-धीरे सामान्य होने का रास्ता साफ हो गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी सरकारी बसें चरणबद्ध तरीके से फिर से सड़कों पर उतरनी शुरू हो गई हैं।

करीब 7,500 संविदा कर्मचारी रविवार आधी रात से हड़ताल पर थे। कर्मचारियों ने पहले 5 अगस्त तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया था। मंगलवार को मोहाली में हजारों कर्मचारियों ने बड़ा प्रदर्शन भी किया। इस हड़ताल के कारण पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी की लगभग 2,200 बसें दो दिनों तक सड़कों से गायब रहीं, जिससे राज्यभर में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई बस अड्डों पर यात्री घंटों इंतजार करते रहे और उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
हड़ताल समाप्त करने का फैसला परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। बैठक के बाद परिवहन विभाग ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति जताते हुए एक आधिकारिक पत्र जारी किया, जिसके बाद यूनियन ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि पनबस के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव 11 अगस्त को होने वाली पनबस बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में मुख्य एजेंडे के रूप में रखा जाएगा। इसके अलावा पनबस और पीआरटीसी कर्मचारियों को डायरेक्ट कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम के दायरे में लाने के लिए मानसून सत्र में ऑर्डिनेंस या विधेयक लाया जाएगा। यदि किसी कारणवश इसमें देरी होती है तो विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों की एक अन्य प्रमुख मांग, यानी पिछले आंदोलनों के दौरान दर्ज एफआईआर वापस लेने के मुद्दे पर भी सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है। परिवहन विभाग ने कहा है कि इस मामले को गृह विभाग के साथ दोबारा उठाया जाएगा और एक महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, शेष मांगों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए 14 अगस्त को परिवहन मंत्री, कार्मिक विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक और बैठक निर्धारित की गई है।
जालंधर यूनिट के यूनियन प्रतिनिधि रणजीत सिंह ने बताया कि हड़ताल के दौरान जिले में करीब 160 बसें बंद रहीं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त की गई है और अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि सभी वादों को तय समयसीमा के भीतर लागू किया जाएगा। दूसरी ओर, सरकार ने भी भरोसा दिलाया है कि कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाएगा, ताकि भविष्य में यात्रियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।



















