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पंजाब में पहली बार महिला पूर्व सैन्य अधिकारियों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी 52 साल के इतिहास में पहली बार रक्षा सेवा कल्याण विभाग में महिलाओं की नियुक्ति

चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

(For the First Time in Punjab, Women Ex-Servicemen Officers to Be Given Major Responsibilities; Women Appointed to the Defence Services Welfare Department for the First Time in Its 52-Year History.)पंजाब सरकार के रक्षा सेवा कल्याण विभाग (Defence Service Welfare Department) ने अपने 52 वर्षों के इतिहास में एक ऐतिहासिक कदम उठाने का फैसला किया है। पहली बार भारतीय सशस्त्र बलों (Armed Forces) से सेवानिवृत्त महिला अधिकारियों को रक्षा सेवा कल्याण अधिकारी (Defence Services Welfare Officer) के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इस पहल के साथ पंजाब देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने पूर्व महिला सैन्य अधिकारियों को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना है।

सूत्रों के अनुसार, पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) ने लिखित परीक्षा और साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक की चार महिला अधिकारियों को शॉर्टलिस्ट किया है। इन अधिकारियों को जल्द ही नियुक्ति पत्र जारी किए जाने की संभावना है।

हाल ही में विभाग में अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी नियमों में बदलाव किया गया था। पहले केवल स्थायी कमीशन (Permanent Commission) वाले अधिकारियों को ही नियुक्ति के लिए पात्र माना जाता था, लेकिन अब शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) से सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी आवेदन करने की अनुमति दी गई है। शर्त यह रखी गई है कि उम्मीदवार लेफ्टिनेंट कर्नल या समकक्ष रैंक का होना चाहिए।

इस बदलाव का एक बड़ा लाभ यह है कि शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारी अपेक्षाकृत कम उम्र में विभाग से जुड़ सकते हैं और लंबे समय तक सेवाएं दे सकते हैं। शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत अधिकारी अधिकतम 14 वर्ष तक सेना में सेवा देते हैं और लगभग 11 वर्ष की सेवा के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल का पद प्राप्त कर सकते हैं। सेवा अवधि पूरी होने पर उनकी आयु लगभग 40 वर्ष होती है, जबकि स्थायी कमीशन वाले अधिकारी सामान्यतः 54 वर्ष या उससे अधिक उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं।

गौरतलब है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने वर्ष 1992 में पहली बार महिलाओं के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन के द्वार खोले थे। इससे पहले महिलाओं को केवल मेडिकल और नर्सिंग सेवाओं में ही अवसर मिलता था। अब सेना, नौसेना और वायुसेना की महिला अधिकारी स्थायी कमीशन पाने की भी पात्र हैं।

रक्षा सेवा कल्याण विभाग में एक ब्रिगेडियर रैंक के निदेशक और 25 कर्नल/लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के अधिकारियों के पद स्वीकृत हैं। प्रत्येक जिले में एक अधिकारी तैनात किया जाता है, जबकि तीन अधिकारी चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय में कार्यरत रहते हैं। वर्तमान में विभाग में निदेशक सहित केवल पांच अधिकारी कार्य कर रहे हैं, जिसके कारण मुख्यालय और जिला कार्यालयों का कामकाज सीमित स्टाफ के सहारे चल रहा है।

खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और इन चार महिला अधिकारियों के अलावा लगभग 12 अन्य अधिकारियों के भी जल्द विभाग में शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नीति एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। पंजाब सरकार के नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित पद सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों से नहीं भरे जा सकते, जिससे कुछ पद लंबे समय तक रिक्त रह सकते हैं।

यह फैसला न केवल महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को नई पहचान देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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