चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“ED Big Action “) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा और उनकी कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 55.57 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। ED का दावा है कि यह कार्रवाई फर्जी मोबाइल फोन निर्यात, शेल कंपनियों के नेटवर्क और करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले से जुड़े मामले में की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), जमीन, कमर्शियल स्पेस और लग्जरी आवासीय अपार्टमेंट शामिल हैं, जो लुधियाना, गुरुग्राम और चंडीगढ़ जैसे शहरों में स्थित बताए गए हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले की शुरुआत गुरुग्राम के उद्योग विहार थाने में दर्ज FIR से हुई थी। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत जांच अपने हाथ में ली। जांच में आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान कंपनी ने कागजों पर करीब 157 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन बेचने का दावा किया, जिनमें से लगभग 102.50 करोड़ रुपये का निर्यात दुबई की दो कंपनियों को दिखाया गया। ED का कहना है कि जांच में सामने आया कि ये लेन-देन केवल दस्तावेजों तक सीमित थे और वास्तविक सामान की आपूर्ति नहीं हुई।
एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि कथित सप्लायर कंपनियां केवल शेल कंपनियां थीं, जिनमें कई एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से संचालित हो रही थीं। इतना ही नहीं, जिन दुबई स्थित कंपनियों को निर्यात दिखाया गया, उनका नियंत्रण भी कथित रूप से इसी समूह के पास था। ED के अनुसार, अब तक की जांच में करीब 102.99 करोड़ रुपये को अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) के रूप में चिन्हित किया गया है। मामले के मुख्य आरोपी और कंपनी के तत्कालीन चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर पहले से न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे तथा कार्रवाई हो सकती है।



















