चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Punjab BBMB Recruitment Delay, 2,500 Posts Still Vacant) पंजाब में भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) में करीब 2,500 खाली पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया सात महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी अटकी हुई है। पंजाब कैबिनेट ने विशेष BBMB कैडर बनाने को मंजूरी दी थी, लेकिन नए कैडर के भर्ती नियम अब तक अंतिम रूप नहीं ले सके हैं। इसके चलते भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
इस देरी ने BBMB में पहले से मौजूद कर्मचारियों की कमी को और गंभीर बना दिया है। खासकर तकनीकी पदों पर बड़ी संख्या में रिक्तियां होने के कारण बांधों, पनबिजली परियोजनाओं, ट्रांसमिशन सिस्टम और सिंचाई से जुड़े महत्वपूर्ण काम प्रभावित होने की चिंता बढ़ रही है।
पंजाब के सिंचाई मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि विशेष BBMB कैडर बनाने के नियम तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव जल्द ही एक बैठक करेंगे, ताकि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार BBMB की कुछ रिक्तियां राज्य के विभिन्न विभागों में मौजूद अतिरिक्त कर्मचारियों को स्थानांतरित करके भरने की योजना बना रही है। वहीं बाकी पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। सिंचाई विभाग को पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) के माध्यम से भर्ती कराने की मंजूरी भी मिल चुकी है, लेकिन भर्ती नियमों के अंतिम रूप न लेने से पूरा मामला फिलहाल अटका हुआ है।
BBMB में पंजाब कैडर के 1,486 तकनीकी पद खाली हैं। यह स्वीकृत तकनीकी क्षमता 3,297 पदों का करीब 45 प्रतिशत है। इनमें 568 फोरमैन के पद भी शामिल हैं। फोरमैन भाखड़ा बांध, बांध की गैलरियों, स्पिलवे गेट, टर्बाइन और हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों की मरम्मत एवं रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मैनपावर संकट आने वाले महीनों में और बढ़ सकता है, क्योंकि करीब 330 कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इससे BBMB के तकनीकी कामकाज पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
पंजाब की BBMB में करीब 52 प्रतिशत हिस्सेदारी है और उसे अपने हिस्से के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती का अधिकार है। हालांकि पिछले करीब दो दशकों से पंजाब अपने कोटे के पदों को पूरी तरह भरने में सफल नहीं रहा है। कई कर्मचारी BBMB में तैनाती के बाद पंजाब के विभागों में वापस स्थानांतरण की मांग करते रहे हैं।
इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेष BBMB कैडर का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इस कैडर के तहत नियुक्त कर्मचारियों को विशेष रूप से BBMB के लिए रखा जाएगा और उन्हें पंजाब के अन्य विभागों में वापस स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।
हरियाणा करीब पांच साल पहले अपना अलग BBMB कैडर बना चुका है और वहां से लगातार भर्ती की जा रही है। पंजाब में देरी के बीच BBMB में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों की संख्या बढ़ती गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पंजाब सरकार अपने कार्यकाल के समाप्त होने से पहले करीब 2,500 खाली पदों पर भर्ती पूरी कर पाएगी।



















