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अवैध माइनिंग का विरोध पड़ा भारी! मशहूर गोताखोर व समाजसेवी कमलप्रीत सैनी पर जानलेवा हमला, 8 नामजद समेत कई अज्ञात पर FIR दर्ज

नंगल/श्री आनंदपुर साहिब। राजवीर दीक्षित

(Opposing Illegal Mining Proves Costly! Renowned Diver and Social Activist Kamalpreet Saini Attacked; FIR Registered Against 8 Named Accused and Several Unidentified Persons)पंजाब के श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र में शनिवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब इलाके के प्रसिद्ध गोताखोर और समाजसेवी कमलजीत सिंह उर्फ कमलप्रीत सैनी पर कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया और सैकड़ों लोगों ने गांव नानगरा के पास सड़क जाम कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, 27 जून 2026 की शाम करीब 6:30 बजे कमलप्रीत सैनी को गांव भल्लड़ी निवासी राकेश वर्मा का फोन आया। उन्हें गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मिलने और स्वां नदी में चल रही कथित अवैध माइनिंग का मौका देखने के लिए बुलाया गया। समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कमलप्रीत सैनी जब ग्रामीणों के साथ नदी किनारे पहुंचे, तभी वहां कुछ लोग भी पहुंच गए और माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिल्ला भट्ठल ने अपने साथियों को मौके पर बुलाया, जिनमें भजन भल्लड़ी, गौरव कुमार उर्फ गोपी (पस्सीवाल), बीडीसी सदस्य अनिल सुखसाल, अम्मू हाजीपुर, दलजीत हाजीपुर, गुरजंट सिंह (रामगढ़ बेला) और काका अटवाल (सहिजोवाल) शामिल थे। आरोप है कि पहले गांव पंचायत के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और उसके बाद कमलप्रीत सैनी को चारों ओर से घेर लिया गया।

एफआईआर के मुताबिक, काका अटवाल ने कथित तौर पर पत्थर उठाकर कमलप्रीत सैनी के सिर पर वार किया, जिससे उनके सिर से खून बहने लगा और वह जमीन पर गिर पड़े। इसी दौरान 3 से 4 अज्ञात व्यक्ति भी मौके पर पहुंच गए और वहां मौजूद ग्रामीणों के साथ भी मारपीट की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावर जाते समय कमलप्रीत सैनी का आईफोन 13 प्रो मैक्स और नकदी भी लेकर चले गए। बाद में मोबाइल स्वां नदी से बरामद हो गया।

कमलप्रीत सैनी का आरोप है कि वह लंबे समय से क्षेत्र में कथित अवैध माइनिंग के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और इसी रंजिश के चलते उन पर हमला किया गया। घटना में उनके सिर और बाजू पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए बीबीएमबी कैनाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही थाना नंगल के प्रभारी दानिश वीर सिंह ने तुरंत नया नंगल चौकी के प्रभारी यादविंदर सिंह और एएसआई जुझार सिंह को मौके पर भेजा। पुलिस अधिकारियों ने घायल का बयान दर्ज किया और पूरी घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई। इसके बाद शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 126(2), 351(2), 191(3) और 190 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।

पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों और 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर अवैध माइनिंग और उससे जुड़े विवादों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण के लिए आवाज उठाने वालों पर इस तरह के हमले होंगे, तो कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगेंगे।

नोट: यह समाचार पुलिस एफआईआर, शिकायतकर्ता के आरोपों और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और नामजद आरोपियों का पक्ष अभी सामने आना बाकी है।

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