द टारगेट वेब डेस्क
(“TMC Bank Accounts Freeze: Calcutta High Court Refuses Relief to Mamata Banerjee “) पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका देते हुए पार्टी के तीन प्रमुख बैंक खातों को फ्रीज़ करने के प्रवर्तन निदेशालय (ED) के फैसले पर अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। इन खातों में करीब 440 करोड़ रुपये जमा हैं, जिन्हें फिलहाल पार्टी किसी भी संगठनात्मक या राजनीतिक खर्च के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकेगी।
बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस ने अदालत से मांग की थी कि रोजमर्रा के पार्टी संचालन और आवश्यक खर्चों के लिए इन खातों के इस्तेमाल की अस्थायी अनुमति दी जाए। लेकिन जस्टिस कृष्णा राव की बेंच ने यह मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने फिलहाल ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया है।
यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत दर्ज जांच से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि पार्टी के खातों में जमा धनराशि के स्रोत, फंड जुटाने के तरीके और वित्तीय लेनदेन में गंभीर अनियमितताओं की जांच की जा रही है। इसी आधार पर इन बैंक खातों को फ्रीज़ किया गया था।
इस मामले की सुनवाई 13 जुलाई को पूरी हो चुकी थी, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब आए इस फैसले से ममता बनर्जी गुट को कोई राहत नहीं मिली है। ऐसे समय में जब पार्टी पहले ही चुनावी चुनौतियों और अंदरूनी खींचतान का सामना कर रही है, यह फैसला उसके लिए राजनीतिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर बड़ी मुश्किल पैदा कर सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि तृणमूल कांग्रेस इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देती है या ईडी की जांच का कानूनी तरीके से सामना करती है। यह मामला आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में और भी बड़ा मुद्दा बन सकता है।



















