नई दिल्ली । राजवीर दीक्षित
मुख्य न्यायाधीश ने वकील से कहा, “कृपया हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए। आपका समय हमारे समय से अधिक मूल्यवान है।” जब वकील ने कहा कि उनके पास पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग के वीडियो हैं, तो अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह वीडियो देखने में रुचि नहीं रखती।
वकील का कहना था कि छात्र NEET परीक्षा में पारदर्शिता, पेपर लीक पर जवाबदेही और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार जैसी महत्वपूर्ण मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च के दौरान पुलिस द्वारा आंसू गैस और लाठीचार्ज किए जाने का आरोप लगाया गया था, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए।
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक व्यंग्यात्मक आंदोलन के रूप में सामने आई थी। यह उस विवाद के बाद चर्चा में आई, जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नाम से सोशल मीडिया और मीडिया में युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से किए जाने वाली कथित टिप्पणी वायरल हुई। हालांकि, बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था।
इसके बाद 16 मई को राजनीतिक रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत की, जो देखते ही देखते युवाओं के बड़े आंदोलन में बदल गई। CJP लगातार NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है।



















