चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
( NGT Closes Hearing in Illegal Mining Case, Probe Finds No Evidence! )राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने पंजाब में रावी नदी के किनारे कथित अवैध रेत और बजरी खनन, अस्थायी सड़कों के निर्माण तथा पर्यावरणीय नुकसान से जुड़े मामले में दायर याचिका का निपटारा कर दिया है। संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट में संबंधित स्थल पर किसी भी प्रकार की अवैध खनन गतिविधि के सबूत नहीं मिलने के बाद यह फैसला लिया गया।
यह आदेश 9 जुलाई को NGT की पीठ ने जतींदर सिंह औलुख द्वारा पंजाब सरकार और अन्य पक्षों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया।
यह मामला 31 दिसंबर 2025 को NGT के सार्वजनिक शिकायत पोर्टल पर दर्ज शिकायत से जुड़ा था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पठानकोट जिले के मरारा और अदालतगढ़ गांवों तथा गुरदासपुर जिले के आसपास के क्षेत्रों में रावी नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध रेत और बजरी खनन किया जा रहा है। साथ ही नदी के भीतर अस्थायी सड़कें बनाकर उसके प्राकृतिक प्रवाह को बाधित किया गया और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया।
आरोपों को गंभीरता से लेते हुए NGT ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) और पठानकोट जिला प्रशासन के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति का गठन किया था। समिति को मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
संयुक्त समिति ने 15 जून को संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण किया और 2 जुलाई को अपनी रिपोर्ट NGT के समक्ष प्रस्तुत की। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मरारा और अदालतगढ़ गांवों में किसी भी प्रकार की अवैध खनन गतिविधि नहीं पाई गई।
इसी रिपोर्ट के आधार पर NGT ने याचिका का निपटारा करते हुए मामले को बंद कर दिया। हालांकि, यदि भविष्य में नए साक्ष्य या अवैध गतिविधियों की जानकारी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी नियमानुसार कार्रवाई कर सकते हैं।



















