Home Chandigarh पंजाब में पटवारियों की सामूहिक छुट्टी, ठप हुई जमीन से जुड़ी सेवाएं

पंजाब में पटवारियों की सामूहिक छुट्टी, ठप हुई जमीन से जुड़ी सेवाएं

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(“Punjab Patwari Strike: Mass Leave Brings Land Services to a Standstill “) पंजाब में राजस्व विभाग की सेवाएं शुक्रवार को उस समय बुरी तरह प्रभावित हो गईं, जब रेवेन्यू पटवार यूनियन के आह्वान पर जालंधर सहित कई स्थानों पर पटवारी सामूहिक अवकाश पर चले गए। जालंधर स्थित डिप्टी कमिश्नर कार्यालय परिसर का पटवारखाना पूरे दिन बंद रहा, जिससे जमीन और राजस्व विभाग से जुड़े अधिकांश कार्य पूरी तरह ठप हो गए। जमीन के दस्तावेज, इंतकाल (म्यूटेशन), रिकॉर्ड संबंधी काम और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए पहुंचे लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा।

हड़ताल के दौरान पटवारियों ने स्वामित्व (लाल लकीर) योजना का पूर्ण बहिष्कार किया। इसके अलावा एग्रीस्टैक ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किसान आईडी तथा जमीन सत्यापन से संबंधित किसी भी आवेदन को मंजूरी नहीं दी गई। इससे किसानों और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इंतकाल के मामलों का निपटारा भी नहीं हो सका, जिसके चलते बड़ी संख्या में फाइलें लंबित रह गईं।

यूनियन के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है। उनकी प्रमुख मांगों में स्टेट कैडर व्यवस्था को समाप्त करना, 17 जुलाई 2020 से जुड़े सातवें वेतन आयोग के पत्र को वापस लेना तथा समाप्त की गई 1056 पटवारी पदों की बहाली शामिल है। इसके अलावा विभागीय कर्मचारियों से जुड़े अन्य लंबित मामलों के जल्द समाधान की भी मांग की गई है।

पटवारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला लेकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक स्वामित्व योजना, किसान आईडी भूमि सत्यापन और अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम जारी रहेंगे। इस हड़ताल का सीधा असर आम नागरिकों, किसानों और जमीन से जुड़े कार्यों पर देखने को मिल रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है।

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