चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“PSPCL Strike: ‘No Work, No Pay’ Rule Enforced, Salary Cut for Employees on Mass Leave “) पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSTCL) के कर्मचारियों की लगातार जारी हड़ताल अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। 21 जुलाई से सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ PSPCL प्रबंधन ने बड़ा फैसला लेते हुए ‘नो वर्क-नो पे’ (काम नहीं तो वेतन नहीं) का नियम लागू कर दिया है। प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि जो कर्मचारी हड़ताल या सामूहिक छुट्टी में शामिल रहेंगे, उनकी अनुपस्थिति को ‘डाईज नॉन’ माना जाएगा और संबंधित अवधि का वेतन काट लिया जाएगा।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते राज्यभर में बिजली आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब होने, तकनीकी फॉल्ट आने और शिकायतों के निस्तारण में घंटों की देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। नए बिजली कनेक्शन, बिलों में सुधार और अन्य कार्यालयी कार्य भी प्रभावित हुए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

कर्मचारी संगठनों ने पहले 21 से 24 जुलाई तक सामूहिक अवकाश का ऐलान किया था, लेकिन मांगों पर सहमति न बनने के कारण आंदोलन को बढ़ाकर 25 और 26 जुलाई तक जारी रखा गया। विभिन्न कर्मचारी यूनियनें कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, पदोन्नति, पेंशन और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं।
PSPCL प्रबंधन का कहना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा। इसी कारण सभी मुख्य अभियंताओं और क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ‘नो वर्क-नो पे’ के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कर्मचारी संगठन सरकार और प्रबंधन के साथ बातचीत कर हड़ताल खत्म करेंगे या फिर यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज होगा। इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर लाखों बिजली उपभोक्ताओं और राज्य की बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा है।



















