द टारगेट वेब डेस्क
(‘Canada Deportation News “) कनाडा में गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग मामले से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) ने पंजाब मूल के छात्र जशनदीप सिंह को देश से डिपोर्ट करने का आदेश बरकरार रखा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि जशनदीप का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से था और उसने 19 मई 2025 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग में इस्तेमाल हथियार को छिपाने में भूमिका निभाई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, जशनदीप वर्ष 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से ऐसे वीडियो और तस्वीरें मिलीं, जिनमें वह कथित तौर पर हथियार के साथ दिखाई दे रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी हथियार का इस्तेमाल बाद में फायरिंग की घटना में किया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वारदात के बाद सबूत मिटाने की नीयत से हथियार को छिपाया गया था, जबकि बाद में एक अन्य हथियार भी बरामद किया गया।

सुनवाई के दौरान जशनदीप ने खुद को गैंग का सदस्य मानने से इनकार किया। उसने दावा किया कि वायरल वीडियो उसके दोस्त की बर्थडे पार्टी का था और उसने मजाक में पिस्तौल उठाई थी। हालांकि, इमिग्रेशन बोर्ड ने उसके बयानों में विरोधाभास बताते हुए इस दलील को स्वीकार नहीं किया और उसे विश्वसनीय नहीं माना।
जशनदीप ने ट्रिब्यूनल के सामने अपनी गलती पर पछतावा भी जताया। उसने कहा कि उसके माता-पिता ने कर्ज लेकर उसे बेहतर भविष्य के लिए कनाडा भेजा था और वह उनके सपनों को टूटते नहीं देखना चाहता। इसके बावजूद बोर्ड ने डिपोर्टेशन का आदेश बरकरार रखा।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय एजेंसियां संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हाई बॉल’ के तहत लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क, गोल्डी बराड़ और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर चुकी हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क विदेशों में रंगदारी, फायरिंग और संगठित अपराध जैसी गतिविधियों से जुड़ा रहा है। जशनदीप की डिपोर्टेशन को इसी अभियान के तहत गैंग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।



















