चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Punjab Pharmacist Recruitment Exam Under High Court Scrutiny: Government Issued Notice on Plea Seeking Paper Cancellation, Selection Process Made Subject to Court’s Final Decision) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में 454 फार्मासिस्ट (फार्मेसी ऑफिसर) पदों की भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस ऑफ मोशन जारी किया है। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस भर्ती की आगे की चयन प्रक्रिया याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने जारी किया। याचिकाकर्ता केशव कंबोज और अन्य अभ्यर्थियों ने अपने वकील सार्थक गुप्ता के माध्यम से दायर याचिका में 19 जुलाई को पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 11 जून के विज्ञापन के तहत आयोजित फार्मासिस्ट (ग्रुप-सी) भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग की है।
याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि इस परीक्षा के आधार पर की गई या प्रस्तावित सभी आगे की प्रक्रियाएं, जैसे उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, परिणाम तैयार करना और परिणाम घोषित करना, भी निरस्त किए जाएं।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि पूरी परीक्षा एक संगठित, हाई-टेक और अंतरराज्यीय नकल गिरोह के कारण पूरी तरह प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि 19 जुलाई की प्रेस विज्ञप्ति और 20 जुलाई को दर्ज एफआईआर में भी इस संगठित नकल रैकेट का उल्लेख किया गया है।
याचिका में कहा गया है कि इस तरह की परीक्षा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में दिए गए समानता और समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन करती है।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने कहा कि राज्य सरकार को याचिका की अग्रिम प्रति पहले ही उपलब्ध करा दी गई थी। राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) टीपीएस वालिया अदालत में पेश हुए और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।
अदालत ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल करे और उसकी प्रति याचिकाकर्ताओं के वकील को भी उपलब्ध कराई जाए।
अपने आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती की आगे की पूरी चयन प्रक्रिया इस याचिका पर आने वाले अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। ऐसे में अब इस भर्ती प्रक्रिया पर सभी अभ्यर्थियों की नजरें 10 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।



















