चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Govt Faces High Court Setback: DA Must Be Released in 15 Days, 6% Interest on Delay “) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को बड़ा झटका देते हुए राज्य के करीब 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि 15 दिनों के भीतर लंबित महंगाई भत्ता (DA) जारी किया जाए। यदि तय समय के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो सरकार को कर्मचारियों और पेंशनर्स को 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि का भुगतान करना होगा। साथ ही हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से आदेश के पालन की कम्प्लायंस रिपोर्ट भी मांगी है।
यह मामला लंबे समय से लंबित DA भुगतान को लेकर चल रहा था। कर्मचारी संगठनों का कहना था कि पंजाब सरकार केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुसार महंगाई भत्ता देने के लिए बाध्य है, जबकि IAS, IPS, IFS और न्यायिक अधिकारियों को केंद्र के अनुरूप DA दिया जा रहा है, लेकिन अन्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को इससे वंचित रखा गया।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने दलील दी कि राज्य पहले से ही कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तुलना में अधिक वेतन देता है, इसलिए अलग से DA देने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट कहा कि मामला वेतन का नहीं बल्कि महंगाई भत्ते के भुगतान का है।
अदालत ने 1 जनवरी 2016 से लंबित DA जारी करने के भी निर्देश दिए हैं। कर्मचारी पक्ष के अनुसार इस फैसले से चपरासी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। कई कर्मचारियों के मासिक वेतन में 10 से 15 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है, जबकि लंबित DA और एरियर का कुल वित्तीय बोझ लगभग 14 हजार करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
अब माना जा रहा है कि पंजाब सरकार इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है। फिलहाल हाईकोर्ट के इस आदेश से लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स में खुशी की लहर है और वे जल्द भुगतान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।



















