Home Punjab पंजाब की जेलों में बढ़ी नशा मुक्ति दवा की खपत

पंजाब की जेलों में बढ़ी नशा मुक्ति दवा की खपत

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(Punjab Jails See Sharp Rise in Buprenorphine Use) पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच एक चौंकाने वाली सरकारी रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब सरकार ने नशे की लत छुड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली बुप्रेनॉर्फिन (Buprenorphine) की 43.44 करोड़ टैबलेट खरीदी हैं। इन दवाओं को राज्यभर के आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) क्लीनिकों के माध्यम से लाखों नशा पीड़ितों को उपलब्ध कराया गया।

हालांकि सबसे ज्यादा चिंता का विषय पंजाब की जेलों में इस दवा की बढ़ती खपत है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में जेलों में केवल 1.17 करोड़ टैबलेट भेजी गई थीं, जबकि 2026 में अब तक यह संख्या बढ़कर 8.87 करोड़ टैबलेट पहुंच चुकी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि राज्य की जेलों में बंद बड़ी संख्या में कैदी नशे की लत से जूझ रहे हैं।

यह जानकारी बठिंडा से आम आदमी पार्टी के विधायक जगरूप सिंह गिल द्वारा विधानसभा में पेश की गई पब्लिक अंडरटेकिंग्स कमेटी की 129वीं रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में 7 करोड़, 2023 में 9.44 करोड़, 2024 में 10 करोड़, 2025 में 11 करोड़ और 2026 में अब तक 6 करोड़ बुप्रेनॉर्फिन टैबलेट खरीदी जा चुकी हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वर्ष 2022 से अब तक 40,830 कैदियों का जेलों में नशा मुक्ति उपचार के लिए पंजीकरण किया गया है। वहीं राज्यभर के OOAT क्लीनिकों में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या लगभग 2 लाख से बढ़कर 3.17 लाख हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बढ़ती खपत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने जेलों में विशेष नशा मुक्ति केंद्र और OOAT क्लीनिक स्थापित किए हैं। यहां डॉक्टरों और मनोवैज्ञानिकों की नियुक्ति की गई है ताकि कैदियों को नशे की लत से बाहर निकाला जा सके। इसके साथ ही खेल गतिविधियों और कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं ताकि इलाज के बाद कैदी दोबारा नशे की ओर न लौटें।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के बाद नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले जहां इलाज के लिए लगभग 600 मरीज भर्ती होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 3,400 तक पहुंच गई है। इसी कारण सरकार को उपचार केंद्रों में बेड की संख्या बढ़ाकर 5,000 करनी पड़ी। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 70,766 मरीजों को इन केंद्रों में भर्ती कर इलाज दिया जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते आंकड़े एक ओर नशे की गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी संकेत देते हैं कि अधिक लोग अब इलाज के लिए आगे आ रहे हैं।

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