Home Punjab गली में नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, जांच शुरू

गली में नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, जांच शुरू

फाजिल्का । राजवीर दीक्षित

(Panic After Newborn Baby’s Body Found in Street, Probe Begins) फाजिल्का जिले के लाधुका इलाके में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गली में नवजात बच्चे का शव लावारिस हालत में मिला। घटना की जानकारी सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

जानकारी के मुताबिक, नवजात लड़के का शव काले पॉलीथिन कैरी बैग में लपेटकर गली में फेंका गया था। यह शव लाधुका गांव की चंडीगढ़ कॉलोनी में एक घर के बाहर मिला। बताया जा रहा है कि सुबह एक महिला अपने घर के बाहर गली की सफाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी नजर काले पॉलीथिन बैग पर पड़ी। बैग को संदिग्ध हालत में देखकर उसने इसकी जानकारी आसपास के लोगों और पुलिस को दी।

लाधुका पुलिस पोस्ट के इंचार्ज बलकार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात के शव को अपने कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल, फाजिल्का की मोर्चरी में रखा गया है। पुलिस के अनुसार, नवजात की मौत किस परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की धारा 91 और 94 के तहत केस दर्ज किया है। धारा 91 बच्चे को जीवित पैदा होने से रोकने से संबंधित है, जबकि धारा 94 बच्चे के जन्म को छिपाने और उसके मृत शरीर को गुप्त रूप से ठिकाने लगाने से जुड़ी है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को गली में कौन छोड़कर गया और इसके पीछे क्या वजह थी। घटना को लेकर इलाके में कई तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। CCTV फुटेज के जरिए उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिसने नवजात के शव को गली में छोड़ा। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है और हर संभावित एंगल से मामले की जांच की जा रही है।

फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज इस मामले की जांच में अहम कड़ी माने जा रहे हैं। नवजात की मौत का वास्तविक कारण और उसे यहां छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

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