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कांग्रेस में बवाल:खाची के बयान पर हाईकमान का डंडा, राठौर पर टिप्पणी के बाद नोटिस

शिमला। राजवीर दीक्षित

(Uproar in Congress: High Command cracks the whip over Khachi’s statement; notice issued following remarks about Rathore) हिमाचल वन निगम के वाइस चेयरमैन और कांग्रेस नेता केहर सिंह खाची की विधायक कुलदीप सिंह राठौर पर की गई टिप्पणी अब पार्टी के लिए भी परेशानी का कारण बन गई है। कांग्रेस ने बुधवार को खाची को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। कांग्रेस संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने बताया कि खाची से पूछा गया है कि उन्होंने ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी क्यों की और क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में दिया था बयान

मामला ठियोग में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। यहां केहर सिंह खाची ने कुलदीप सिंह राठौर को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि 2022 तक ठियोग में 11 लोग भी राठौर को नहीं जानते थे। खाची ने दावा किया था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर राठौर को चुनाव जिताया। इस बयान के सामने आने के बाद ठियोग कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति खुलकर सामने आ गई। बीजेपी ने भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी के भीतर कई गुट होने का दावा किया।

खाची-राठौर विवाद में विक्रमादित्य की एंट्री

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह खुलकर कुलदीप सिंह राठौर के समर्थन में उतर आए। उन्होंने राठौर को कांग्रेस का कद्दावर और प्रतिष्ठित नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने एनएसयूआई अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक संगठन में लंबा सफर तय किया है। विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक, राठौर ने करीब चार दशक तक कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में भी राठौर के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

दोनों नेता हाईकमान के करीबी

केहर सिंह खाची को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के करीबी नेताओं में माना जाता है। वहीं कुलदीप सिंह राठौर भी कांग्रेस हाईकमान के भरोसेमंद और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। राठौर के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए पार्टी ने चार उपचुनावों में बीजेपी को हराया था। इसके बाद पार्टी हाईकमान ने उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बनाया।

नोटिस के बाद बढ़ी सियासी हलचल

खाची के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद अब पार्टी के अनुशासन तक पहुंच गया है। कांग्रेस ने नोटिस जारी कर साफ संकेत दिया है कि सार्वजनिक मंच से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर की गई टिप्पणियों को हल्के में नहीं लिया जाएगा। अब सबकी नजर केहर सिंह खाची के जवाब और उसके बाद पार्टी हाईकमान के अगले कदम पर टिकी है।

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