Home International रूस में रहस्यमयी बीमारी से लैब कर्मचारी की मौत, 200 लोग क्वारेंटाइन

रूस में रहस्यमयी बीमारी से लैब कर्मचारी की मौत, 200 लोग क्वारेंटाइन

साइबेरिया। टारगेट न्यूज नेटवर्क 

(Lab worker dies of mysterious illness in Russia; 200 people quarantined) रूस में एक लैब कर्मचारी की रहस्यमयी बीमारी से मौत के बाद हड़कंप मच गया है। 28 वर्षीय महिला की मौत के बाद उसके संपर्क में आए करीब 200 लोगों को मेडिकल निगरानी में रखा गया है। महिला साइबेरिया स्थित एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करती थी।

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, 25 सितंबर को लैब में काम के दौरान एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी, जिसमें जीवित जैविक नमूने होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस नमूने की प्रकृति को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

4 दिन बाद बिगड़ी हालत

बताया जा रहा है कि 29 सितंबर को महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया। इलाज के दौरान 1 अक्टूबर की रात उसकी मौत हो गई।

महिला को गंभीर निमोनिया था, लेकिन डॉक्टर बीमारी के वास्तविक कारण का पता नहीं लगा सके। इसके बाद मामले को लेकर अधिकारियों ने इमरजेंसी बैठक की।

प्लेग सैंपल की चर्चा, लेकिन पुष्टि नहीं

कुछ स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया कि टूटी टेस्ट ट्यूब में प्लेग से जुड़े जैविक नमूने हो सकते थे। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

रूस की स्वास्थ्य एजेंसी रोस्पोट्रेबनादजोर ने तो लैब में किसी टेस्ट ट्यूब के टूटने की बात से ही इनकार किया है। एजेंसी के मुताबिक, महिला के सैंपल में उसके लैब के काम से जुड़े सूक्ष्मजीव नहीं पाए गए।

200 लोग निगरानी में

महिला के संपर्क में आए करीब 200 लोगों को मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। फिलहाल बीमारी को अज्ञात कारणों वाला निमोनिया माना जा रहा है।

निमोनिया वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण से हो सकता है। कुछ मामलों में फंगल संक्रमण या अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।

इलाके में अफवाहों से बढ़ी चिंता

लैब के नजदीक स्थित एक एल्युमिनियम फैक्ट्री ने अपने कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर मास्क पहनने की सलाह दी है। फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं।

रूस के पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी गेन्नादी ओनिशेंको ने भी कहा है कि फिलहाल बीमारी के प्लेग होने की संभावना कम है। उनका कहना है कि अगर प्लेग की पुष्टि होती भी है, तो बड़े पैमाने पर इसके फैलने का खतरा कम माना जा रहा है।

टेस्ट ट्यूब में आखिर क्या था? बीमारी की वजह अब भी रहस्य!

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