शिमला । राजवीर दीक्षित
(Tensions flare in the Assembly over jobs; CM states government employment is not possible for everyone)मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान रोजगार और रिक्त पदों का मुद्दा गरमा गया। प्रश्नकाल में सरकार के उत्तर पर असंतोष जताते हुए विपक्षी भाजपा सदस्यों ने अतिरिक्त सवाल पूछने की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने समयाभाव के कारण इसे मंजूरी नहीं दी। इसके विरोध में भाजपा सदस्यों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी और बाद में वाकआउट कर दिया।
सदन में बढ़ती बहस के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि संबंधित सवाल पर पहले ही 25 मिनट से अधिक चर्चा हो चुकी है। उन्होंने बताया कि नियम 130 के तहत इस मुद्दे पर अलग से चर्चा भी प्रस्तावित है। उन्होंने बिक्रम सिंह ठाकुर और विनोद कुमार सहित अन्य सदस्यों से संयम बरतने की अपील की और स्पष्ट किया कि अध्यक्ष के आसन को निर्देश देने का अधिकार किसी सदस्य को नहीं है।
आउटसोर्स कर्मियों को सरकार से राहत की उम्मीद, नीति बनाने का ऐलान
विधानसभा में आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक नीति तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सरकारी रोजगार देना संभव नहीं है, ऐसे में सरकार स्वरोजगार और नए अवसरों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इसी दिशा में राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत ई-टैक्सी, सोलर पावर और प्राकृतिक खेती को चरणबद्ध तरीके से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में भर्तियों की तैयारी तेज, पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद जल्द भरेंगे
स्वास्थ्य विभाग ने खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। भर्तियों का युक्तिकरण कर मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को अगले वर्ष मार्च और जून तक भरा जाएगा। विभाग की कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है और यह 35 फीसदी से बढ़कर 65 फीसदी तक पहुंच गई है।
पारदर्शी चयन प्रणाली से भर्ती प्रक्रिया में बदलाव
भर्ती में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चयन प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं। लोक सेवा आयोग और राज्य चयन आयोग में सुधार के साथ लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों को एक साथ शामिल किया गया है। सरकार के अनुसार, पूर्व कार्यकाल में पुलिस भर्ती का पेपर लीक हुआ था, जबकि वर्तमान सरकार के दौरान 1,350 पद भरे जा चुके हैं और 1,000 पदों पर भर्ती की कार्रवाई आगे बढ़ रही है।
हजारों पद खाली, विपक्ष ने पूछा—चार लाख नौकरियों का क्या हुआ?
हिमाचल में रोजगार के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और जीतराम कटवाल ने सरकार से चार लाख नौकरियां देने के वादे पर जवाब मांगा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार के कार्यकाल के पौने चार साल बीतने के बावजूद सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं।
जीतराम कटवाल ने अलग-अलग विभागों के आंकड़े सामने रखते हुए बताया कि प्राथमिक शिक्षा में 10,853, उच्च शिक्षा में 3,432, पुलिस में 3,753 और बिजली बोर्ड में 3,635 पद रिक्त हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग में 2,768, स्वास्थ्य विभाग में 1,298 और जल शक्ति विभाग में 517 पद खाली बताए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में करीब 37 फीसदी पद रिक्त हैं और राज्य बिजली बोर्ड में यह आंकड़ा करीब 57 फीसदी है। विपक्ष ने इन आंकड़ों के आधार पर सरकार की रोजगार नीति पर सवाल खड़े किए हैं।



















