Home Controversy नगर निगम हाउस की बैठक में घमासान, कांग्रेस-AAP पार्षद भिड़े;

नगर निगम हाउस की बैठक में घमासान, कांग्रेस-AAP पार्षद भिड़े;

जालंधर। राजवीर दीक्षित

(Uproar at Municipal Corporation House meeting; Congress and AAP councillors clash) जालंधर नगर निगम हाउस की बैठक सोमवार को रेडक्रॉस भवन में शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गई। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी हुई। मामला इतना बढ़ा कि कुछ पार्षदों ने एजेंडे की कॉपियां फाड़कर सदन में उछाल दीं। लगातार हंगामे के बीच कई प्रस्ताव बिना विस्तृत चर्चा के ही पास कर दिए गए।

दिनेश ढल्ल का नाम लेते ही बढ़ा विवाद

बैठक में वार्ड-1 की कांग्रेस पार्षद आशु ने नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्यों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्व हलका इंचार्ज दिनेश ढल्ल के कार्यकाल में कई काम अटके हुए थे और अब मेयर विनीत धीर खुद नॉर्थ हलके के इंचार्ज हैं, इसलिए इन कार्यों को शुरू करवाया जाना चाहिए।

आशु द्वारा दिनेश ढल्ल का नाम लिए जाने पर AAP पार्षद लव रॉबिन ने आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि सदन में किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम क्यों लिया जा रहा है। इसके बाद कांग्रेस और AAP पार्षदों के बीच बहस शुरू हो गई।

मेयर ने कहा- ‘शर्म करो, शहर आपको देख रहा है’

लगातार नारेबाजी और शोर के बीच मेयर विनीत धीर को खुद माइक संभालना पड़ा। उन्होंने पार्षदों को शांत कराने की कोशिश करते हुए कहा कि ‘शर्म करो, पूरा शहर आपको देख रहा है।’ इसके बावजूद सदन में हंगामा जारी रहा।

AAP पार्षद लव रॉबिन, मुकेश सोढी, हरजिंदर सिंह लाडा और राजकुमार राजू कांग्रेस पार्षदों को लगातार टोकते रहे। वहीं कांग्रेस की ओर से पवन कुमार, जसलीन सेठी, हरसिमरन बंटी और बलराज ठाकुर ने अपने-अपने वार्डों से जुड़े मुद्दे उठाए।

हंगामे के बीच मता नंबर 163 से 210 तक पास

नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि ने बताया कि जनरल हाउस की बैठक में प्रस्ताव संख्या 163 से 210 तक के प्रस्ताव पास किए गए, जिनमें मता नंबर 183 भी शामिल है। हालांकि, हंगामे के कारण कई प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।

कमिश्नर ने बताया कि सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट को फिलहाल ड्रॉप कर दिया गया है। कर्मचारी यूनियन की ओर से कुछ आशंकाएं जताई गई थीं। अब यूनियन के साथ बैठक के बाद उसकी सहमति से ही इस प्रस्ताव पर आगे फैसला लिया जाएगा।

50 चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम समेत कई बड़े प्रस्ताव

बैठक के एजेंडे में शहर के 50 चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लगाने का प्रस्ताव शामिल था। इसके अलावा बस्ती पीर दाद क्षेत्र में 20 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और 45 एमएलडी क्षमता का मेन पंपिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा गया।

नगर निगम में संयुक्त कमिश्नरों के पदों की संख्या दो से बढ़ाकर चार करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल रहा। वहीं नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में सीवर और पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए 22 विकास कार्यों का प्रस्ताव रखा गया।

स्ट्रीट वेंडर्स का डिजिटल सर्वे भी एजेंडे में

नगर निगम ने शहर के स्ट्रीट वेंडर्स का डिजिटल सर्वे कराने और उन्हें यूनिक आइडेंटिफिकेशन क्यूआर कोड नंबर प्लेट जारी करने का प्रस्ताव भी रखा। इसके अलावा सभी 85 वार्डों में इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के लिए 607.11 करोड़ रुपए के संशोधित प्रस्ताव को लेकर भी चर्चा प्रस्तावित थी।

बैठक से पहले कांग्रेस ने बनाई थी रणनीति

हाउस की बैठक से एक दिन पहले कांग्रेस पार्षदों ने पूर्व विधायक राजेंद्र बेरी के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की थी। कांग्रेस के 17 पार्षदों ने बैठक में हिस्सा लिया था। उन्होंने निगम के एजेंडे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि इसमें कई तकनीकी और प्रशासनिक कमियां हैं।

कांग्रेस पार्षदों का आरोप था कि विकास कार्यों के नाम पर कुछ खास क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है और पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इसी के चलते कांग्रेस ने बैठक में एकजुट होकर सत्तापक्ष को घेरने का फैसला किया था।

हाउस की बैठक में हुआ हंगामा अब राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस और AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच निगम के विकास प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई पर भी सबकी नजर रहेगी।

Translate »
error: Content is protected !!