Home BJP ‘नई पीढ़ी को जिम्मेदारी’ बयान पर गडकरी का यूटर्न

‘नई पीढ़ी को जिम्मेदारी’ बयान पर गडकरी का यूटर्न

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित

(Gadkari’s U-turn on ‘responsibility to the new generation’ statement) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हालिया बयान के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर शुरू हुई चर्चाओं पर अब उनके कार्यालय की ओर से सफाई दी गई है। गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि अब वह पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर सकते और नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है। इसके बाद उनके बयान को राजनीति से दूरी बनाने या रिटायरमेंट की ओर संकेत के तौर पर देखा जाने लगा था।

गडकरी के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि उनका बयान राजनीतिक जिम्मेदारियों या सक्रिय राजनीति से रिटायरमेंट से जुड़ा नहीं था। उन्होंने अपने ट्रस्ट से जुड़े सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंपने की बात कही थी।

23 अगस्त को कार्यक्रम में दिया था बयान

नागपुर में आयोजित ‘एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग’ कार्यक्रम में 23 अगस्त को गडकरी ने कहा था कि अब वह पहले जितना काम नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि जब वह ज्यादा काम कर सकते थे, तब उन्होंने किया और अब नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने की जरूरत है।

उनके इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इसे उनके भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जाने लगा।

युवाओं को फिटनेस का दिया संदेश

कार्यक्रम में गडकरी ने युवाओं को नियमित व्यायाम और प्राणायाम करने की सलाह भी दी। उन्होंने बताया कि वह रोज सुबह करीब ढाई घंटे व्यायाम और प्राणायाम करते हैं।

उन्होंने युवाओं से कहा कि स्वस्थ रहने के लिए कम से कम आधा घंटा रोजाना व्यायाम और प्राणायाम करना चाहिए।

पुराने राजनीतिक दिनों को भी किया याद

गडकरी ने अपने पुराने राजनीतिक दिनों का जिक्र करते हुए बताया कि शुरुआती दौर में पार्टी के काम के लिए वह साइकिल और स्कूटर से निकलते थे। उस समय पार्टी के पास संसाधन सीमित थे और कार्यकर्ता खुद व्यवस्थाएं संभालते थे।

उन्होंने एक ऐसे दौर का किस्सा भी सुनाया, जब पार्टी के बड़े नेताओं के आने-जाने के लिए एक स्थानीय व्यक्ति की एम्बेसडर कार का इस्तेमाल किया जाता था।

करीब पांच दशक का राजनीतिक सफर

नितिन गडकरी का राजनीतिक सफर करीब पांच दशक का है। उन्होंने 1970 के दशक में छात्र राजनीति से शुरुआत की। इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और 1989 में पहली बार महाराष्ट्र विधान परिषद पहुंचे।

वे महाराष्ट्र में PWD मंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। 2009 में वह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 2014 में नागपुर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली।

तब से वह लगातार इस मंत्रालय का नेतृत्व कर रहे हैं।

सफाई के बाद साफ हुआ बयान का संदर्भ

गडकरी के कार्यालय की सफाई के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि ‘नई पीढ़ी को जिम्मेदारी’ वाला बयान उनके सामाजिक कार्यों और ट्रस्ट से जुड़ी जिम्मेदारियों के संदर्भ में था। इसे उनके राजनीतिक रिटायरमेंट से जोड़ना सही नहीं है।

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