हिमाचल । राजवीर दीक्षित
(Himachal Class 10 results at 89.54%; impact of HPBOSE’s dual-exam system)हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की डुअल-बोर्ड परीक्षा प्रणाली के तहत 10वीं कक्षा में 89.54% विद्यार्थी पास हुए हैं। जुलाई में आयोजित दूसरी बोर्ड परीक्षा में 4,930 छात्रों ने सफलता प्राप्त की।
नई प्रणाली के तहत छात्रों को असफलता के बाद दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों पर परीक्षा परिणाम का दबाव कम करने और बेहतर प्रदर्शन का मौका देने में मदद मिल सकती है।
HPBOSE चेयरमैन डॉ. राजेश शर्मा ने बुधवार को कक्षा 10 की जुलाई 2026 की दूसरी परीक्षा के नतीजों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष शुरू की गई नई प्रणाली का उद्देश्य छात्रों को बिना एक साल गंवाए अपने अंकों और प्रदर्शन में सुधार का अवसर देना है। इस पहल से विद्यार्थियों पर परीक्षा परिणाम का दबाव भी कम हुआ है। साथ ही, उन्हें अपनी कमियों को दूर कर दोबारा बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिल रहा है।
मुख्य और दूसरी परीक्षाओं में कुल 91,060 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी, जिनमें से 81,110 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए। इस तरह परीक्षा का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 89.54% रहा।
सफल उम्मीदवारों की संख्या काफी अधिक रही है। परिणाम ने परीक्षा में शामिल अधिकांश अभ्यर्थियों के बेहतर प्रदर्शन को सामने रखा है।
अपने अंकों में सुधार करने, कम्पार्टमेंट परीक्षा देने, ऑप्शनल विषयों के नंबर बढ़ाने और अतिरिक्त विषय की परीक्षा के लिए जुलाई में दूसरी परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में कुल 8,181 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें 4,930 छात्र पास हुए और पास प्रतिशत 60.27% दर्ज किया गया। परीक्षा के बाद 1,774 विद्यार्थी कम्पार्टमेंट श्रेणी में रहे, जबकि 1,316 को ‘एसेंशियल रिपीट’ घोषित किया गया।
डॉ. शर्मा के मुताबिक दोहरी परीक्षा व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को बिना अतिरिक्त तनाव के अपनी पढ़ाई और परीक्षा परिणाम सुधारने का मौका देना है। इस व्यवस्था के तहत छात्रों को सुधार के लिए अगले अकादमिक ईयर तक इंतज़ार नहीं करना होगा। उन्होंने परीक्षा में सफल रहे छात्रों को बधाई दी और अन्य विद्यार्थियों को अपनी कमजोरियों पर काम कर अगली कोशिश के लिए तैयारी मजबूत करने की सलाह दी।
बोर्ड ने परीक्षा परिणाम से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाते हुए सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में कदम उठाया है। अब छात्र HPBOSE की वेबसाइट पर ऑनलाइन रिज़ल्ट देख सकेंगे। इसके अलावा शैक्षणिक प्रवेश और अन्य आवश्यकताओं के लिए प्रमाणपत्र DigiLocker पर डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे।
आंसर शीट के मूल्यांकन से असंतुष्ट विद्यार्थियों के पास री-इवैल्यूएशन और री-चेकिंग का विकल्प रहेगा। इसके लिए 9 सितंबर 2026 तक संबंधित स्कूल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। री-इवैल्यूएशन के लिए 1,000 रुपये और री-चेकिंग के लिए 800 रुपये प्रति विषय फीस तय की गई है। बोर्ड के अनुसार ऑफलाइन आवेदन या फीस के बिना जमा किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।



















