काठमांडू। टारगेट न्यूज नेटवर्क
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, इस आपदा के बाद लापता हजारों लोगों में 300 से ज्यादा भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। रासुवा क्षेत्र में आई इस बाढ़ से अब तक 162 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
बुधवार को भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों को प्रभावित किया। सबसे ज्यादा नुकसान चीन की सीमा से सटे रासुवा क्षेत्र में हुआ। बाढ़ के पानी ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई और बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आए।
हिमस्खलन से रुका नदी का बहाव, फिर आई तबाही
नेपाल पुलिस के अनुसार, यह फ्लैश फ्लड एक हिमस्खलन के कारण शुरू हुई। हिमस्खलन से भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेन्डे का बहाव रुक गया। इसके बाद जमा हुआ पानी अचानक तेजी से नीचे की ओर आया और चीन सीमा के पास स्थित रासुवागढ़ी के तिमुरे इलाके में तबाही मचा दी।
लापता लोगों में भारतीय पर्यटक भी
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि इस आपदा के बाद हजारों लोग लापता हैं। इनमें करीब 300 भारतीय पर्यटकों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले बुधवार को करीब 500 लोगों के लापता होने की खबर थी, जिनमें कम से कम 133 भारतीय और 37 NRI बताए गए थे। इनमें करीब 50 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी शामिल थे।
खनाल ने कहा कि हजारों परिवारों के घर तबाह हो गए हैं और कई लोग अब भी लापता हैं। सरकार आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटी है।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
बाढ़ के बाद नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं। भारतीय नागरिक +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं।
भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों के जल्द से जल्द बचाव एवं राहत के प्रयास किए जा रहे हैं।
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी जारी किए नंबर
पर्यटकों की सहायता के लिए नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी हेल्पलाइन जारी की है। इसके तहत 1234 टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर, 1144 हॉटलाइन और 9851289445 टूरिस्ट पुलिस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
वहीं, बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी मदद के लिए 0086 185 1428 4905 नंबर जारी किया है, जिस पर WhatsApp के जरिए संपर्क किया जा सकता है।
रेस्क्यू और राहत पर फोकस
फिलहाल नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन का फोकस प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान पर है। लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आपदा की भयावहता को देखते हुए मृतकों और लापता लोगों की संख्या में आगे बदलाव की संभावना बनी हुई है।



















