चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब की अनुशासन समिति ने 25 अगस्त को संगरूर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए बयानों को लेकर पार्टी के तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस पाने वालों में भाजपा संगरूर के पूर्व जिला अध्यक्ष रणदीप सिंह देओल, भाजपा संगरूर के पूर्व जिला अध्यक्ष मनिंदर सिंह कपियल और भाजपा पंजाब के पूर्व स्टेट सेल्स कोऑर्डिनेटर जतिंदर कालरा शामिल हैं।
नोटिस के अनुसार, तीनों नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की या उसमें हिस्सा लिया, जिसमें पार्टी के आंतरिक मामलों और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर कथित तौर पर ऐसे बयान दिए गए, जो पार्टी की निर्धारित लाइन और अनुशासन के विपरीत थे।
अनुशासन समिति ने कहा कि प्रथम दृष्टया इस तरह के आचरण से पार्टी की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और संगठनात्मक छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
पार्टी ने तीनों नेताओं को नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है। उनसे पूछा गया है कि पार्टी अनुशासन का कथित उल्लंघन करने और पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के मामले में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
नोटिस में प्रत्येक नेता से प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी भूमिका, उनके द्वारा दिए गए बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के उद्देश्य को लेकर भी स्पष्ट जवाब मांगा गया है।
अनुशासन समिति ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया गया, तो भाजपा के संविधान और नियमों के तहत बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
ये कारण बताओ नोटिस भाजपा पंजाब अनुशासन समिति के चेयरमैन सोम प्रकाश द्वारा जारी किए गए हैं। इसकी प्रतियां भाजपा पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया, सह-प्रभारी डॉ. नरेंद्र सिंह रैना, प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और प्रदेश महामंत्री (संगठन) मंथरी श्रीनिवासुलु को भी भेजी गई हैं।



















