करनाल। राजवीर दीक्षित
(Person who threatened MLA turns out to be a retired principal; absconding) करनाल के विधायक जगमोहन आनंद और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी देने वाले संदिग्ध की पहचान पुलिस ने कर ली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमकी देने वाला व्यक्ति सरकारी स्कूल का रिटायर्ड प्रिंसिपल है। वह इंद्री क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल रह चुका है और फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
आरोपी की तलाश में करनाल और कुरुक्षेत्र पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने अभी संदिग्ध का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद ही उसकी पहचान आधिकारिक तौर पर सामने लाई जाएगी।
डाक से विधायक के कैंप ऑफिस भेजा था पत्र
पुलिस जांच में सामने आया है कि विधायक को धमकी देने वाला पत्र डाक के जरिए उनके कैंप ऑफिस भेजा गया था। पत्र मिलने के बाद पुलिस ने उसकी पहचान और लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी गिरफ्त में नहीं आया।
अब पुलिस उसके ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
क्या सच में गैंग से जुड़ा है आरोपी?
जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी काम कर रही हैं कि आरोपी का वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध है या उसने केवल विधायक को डराने के लिए गैंग के नाम का इस्तेमाल किया।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यदि पत्र आरोपी ने खुद लिखा था तो इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। इन सवालों के जवाब गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आने की उम्मीद है।
27 अगस्त को मिला था धमकी भरा पत्र
विधायक जगमोहन आनंद को 27 अगस्त को धमकी भरा पत्र मिला था। इसमें विधायक और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पत्र मिलने के बाद विधायक ने मामले की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया। धमकी की गंभीरता को देखते हुए विधायक की सुरक्षा भी बढ़ाई गई।
AK-47 से गोलियां मारने की धमकी
पुलिस के मुताबिक, पत्र में भेजने वाले ने खुद को ‘बलवीर सिंह, एरिया कमांडर, लॉरेंस बिश्नोई, हरियाणा’ बताया था। पत्र में विधायक और उनके बेटे को एक महीने के भीतर गोली मारने की धमकी दी गई थी।
पत्र में सुरक्षा बढ़ाए जाने के बावजूद रात के समय हमला करने की धमकी का भी उल्लेख था। इसके अलावा विधायक के खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
हर्ष की मौत का भी किया जिक्र
धमकी भरे पत्र में एनकाउंटर में मारे गए हर्ष का भी जिक्र किया गया था। पत्र में उसकी मौत का ‘हिसाब-किताब’ करने की बात कही गई थी।
मामले के सामने आने के बाद विधायक का परिवार भी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। पुलिस अब पत्र के स्रोत, आरोपी की पृष्ठभूमि, संभावित संपर्कों और कथित गैंग कनेक्शन की जांच कर रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि रिटायर्ड प्रिंसिपल ने अकेले विधायक को धमकी दी या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति अथवा नेटवर्क की भूमिका है। पुलिस की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।



















