पांवटा साहिब । राजवीर दीक्षित
(Questions raised over delay in replacing oxygen cylinders at Paonta Hospital; inquiry ordered)पांवटा साहिब के सिविल अस्पताल में 90 वर्षीय महिला को ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने में कथित देरी का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि महिला के बिस्तर पर लगा ऑक्सीजन सिलेंडर दोपहर करीब 3 बजे खाली हो गया था, लेकिन बार-बार अनुरोध के बावजूद उसे करीब दो घंटे तक नहीं बदला गया। महिला शाम करीब 5 बजे तक बिना ऑक्सीजन के रहीं। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और जांच समिति को सोमवार तक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
मामले के बाद मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से शिकायत की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1100 पर भी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत अस्पताल प्रशासन तक पहुंचते ही अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और मरीज के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर बदल दिया गया।
सिविल हॉस्पिटल पांवटा साहिब की मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. सुधि गुप्ता ने बताया कि शिकायत प्राप्त होते ही हॉस्पिटल प्रशासन ने जांच कमिटी का गठन किया और मामले की जांच शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, संबंधित स्टाफ नर्स के खिलाफ इससे पहले भी कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। उन मामलों में नर्स को चेतावनी जारी कर विवाद का निपटारा किया गया था। अब नई शिकायत के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।
घटना सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी। नाहन के चीफ़ मेडिकल ऑफ़िसर डॉ. राकेश प्रताप के अनुसार, मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है, जिसे सोमवार तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच समिति ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने में हुई कथित देरी के साथ-साथ परिवार की बार-बार की गई गुजारिशों पर अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई की भी पड़ताल करेगी। समिति यह भी जांच करेगी कि ऑक्सीजन मैनेजमेंट सिस्टम में कोई कमी थी या ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की ओर से लापरवाही बरती गई।
ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब स्टाफ नर्स के कथित व्यवहार तक पहुंच गया है। मुंगा देवी के परिवार ने आरोप लगाया है कि नर्स ने उनके साथ बदतमीज़ी की और पुलिस बुलाने की धमकी दी। मामले की जांच के दौरान इस आरोप को भी शामिल किए जाने की संभावना है।
कोदगा पंचायत के उप-प्रधान सियाराम शर्मा ने आरोपों को लेकर बताया कि मुंगा देवी के परिजन ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने के लिए नर्स से पहले ही कई बार बात कर चुके थे। शाम लगभग 5 बजे जब उन्होंने फिर से सिलेंडर बदलने की मांग की तो इसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। अब जांच में यह भी देखा जाएगा कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या बातचीत हुई थी और किस स्तर पर मामला बिगड़ा।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित स्टाफ नर्स को आउटसोर्सिंग प्रक्रिया के तहत नियुक्त किया गया था। उनकी सेवाएं सीधे हिमाचल प्रदेश सरकार के नियमित कर्मचारी कैडर के अंतर्गत नहीं आती थीं। वह संबंधित आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से विभाग में कार्यरत थीं। मामले की आगे की जांच में उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया और कार्यक्षेत्र भी महत्वपूर्ण बिंदु हो सकते हैं।



















