ऊना । राजवीर दीक्षित
(Anurag Thakur takes a firm stance on development projects; work to be completed by October 15)बुधवार को जिला परिषद हॉल में आयोजित जिला विकास, समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में सांसद अनुराग ठाकुर ने विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया।
सांसद ने कहा कि अधिकारियों को विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और सभी निर्धारित कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करने को भी कहा।
अनुराग ठाकुर ने विकास कार्यों में देरी पर अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा देते हुए कहा कि MPLAD फंड के सभी लंबित काम 15 अक्टूबर तक पूरे होने चाहिए। उन्होंने कार्यों की पूर्णता रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।
ऊना में प्रस्तावित PGI सैटेलाइट हॉस्पिटल को लेकर सांसद ने निर्माण कार्य में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सिविल कार्य समय पर पूरा नहीं होने के कारण अस्पताल को जनता के लिए शुरू करने में लगातार देरी हो रही है। निर्माण एजेंसी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आश्वासन दिया कि इस वर्ष के अंत तक सभी जरूरी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद भवनों को उद्घाटन के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया जाएगा। अस्पताल के शुरू होने से ऊना सहित आसपास के जिलों के मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अपने क्षेत्र में उपलब्ध होने की उम्मीद है।
बल्क ड्रग पार्क को लेकर अनुराग ठाकुर ने सरकार से सीधे सवाल किया है। उनका कहना है कि जब हजारों करोड़ रुपये के पूरे प्रोजेक्ट की आधारशिला प्रधानमंत्री स्तर पर रखी जा चुकी है, तो अब उसी परियोजना के भीतर छोटे-छोटे निर्माण कार्यों के लिए बार-बार शिलान्यास करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने पानी की टंकियों, पंप हाउस और बिजली सब-स्टेशन का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या ऐसे प्रत्येक कार्य के लिए अलग कार्यक्रम आयोजित करना उचित है। अनुराग के सवालों ने बल्क ड्रग पार्क के निर्माण और शिलान्यास की प्रक्रिया को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
गगरेट में विकास कार्य के उद्घाटन पत्थर पर नामों को लेकर विवाद सामने आया है। सांसद ने पत्थर पर अपना और प्रदेश के PWD मंत्री का नाम न होने पर अधिकारियों के समक्ष नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दावा किया कि सरकारी कागजात में पांच लोगों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज थे, मगर उद्घाटन पत्थर पर सिर्फ तीन नाम ही नजर आए। सांसद ने इसे गंभीर मामला मानते हुए PWD के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर को तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इंजीनियर-इन-चीफ और मुख्य सचिव के साथ चर्चा कर मामले की पूरी जानकारी जुटाई जाए और बैठक खत्म होने से पहले रिपोर्ट दी जाए।
जिले में अवैध खनन पर अब प्रशासन की नजर और कड़ी होगी। बीजेपी नेता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध गतिविधियों की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाए और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही टीबी और एचआईवी-एड्स के खिलाफ जागरूकता अभियान को तेज करने के निर्देश दिए गए। शिक्षण संस्थानों के सहयोग से छात्रों और युवाओं तक स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन से जवाब मांगा गया। झुग्गी-बस्तियों और प्रवासी मजदूरों की कॉलोनियों में कितने लोग रहते हैं और उनके लिए कितने शौचालय उपलब्ध हैं, इसका पूरा आंकड़ा रिपोर्ट में शामिल करने को कहा गया।
बैठक में साफ तौर पर प्रशासनिक निगरानी, स्वास्थ्य जागरूकता और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर फोकस दिखाई दिया। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, पूर्व विधायक बलबीर चौधरी, जिला परिषद अध्यक्ष पवन लंबरदार, एडीसी ईशांत जसवाल और एसपी सचिन हिरेमथ ने भी चर्चा में भाग लिया।



















