Home Himachal Pradesh हिमाचल के विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी खास झंडी, प्रदेश के बाहर...

हिमाचल के विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी खास झंडी, प्रदेश के बाहर भी मान्य

शिमला । राजवीर दीक्षित

(Special flags to be affixed to the vehicles of Himachal MLAs; valid outside the state as well)हिमाचल प्रदेश के विधायकों के वाहनों की अब अलग पहचान होगी। विधायकों को जल्द ही नीले रंग की विशेष झंडी दी जाएगी, जिसे वे अपने वाहनों पर लगा सकेंगे। खास बात यह है कि इस झंडी का इस्तेमाल प्रदेश के बाहर भी किया जा सकेगा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मानसून सत्र के समापन से पहले सदन में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी विधायकों के लिए विधानसभा की विशिष्ट झंडी तैयार कर ली गई है और करीब एक सप्ताह के भीतर इसे सभी सदस्यों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि विधायकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सदस्य सुविधा समिति की बैठक में अलग झंडी देने को लेकर निर्णय लिया गया है। विधायकों की ओर से यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। उनका कहना था कि आम लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विधायक के वाहन की अलग पहचान नहीं हो पाती, जिससे क्षेत्रीय दौरों के दौरान कई बार असुविधा होती है।
कई विधायक अपनी पहचान स्पष्ट करने के लिए निजी या सरकारी वाहनों के आगे और पीछे के शीशों पर ‘MLA’ लिखवा रखते हैं। अब विधानसभा की ओर से आधिकारिक नीली झंडी उपलब्ध करवाए जाने के बाद इसकी जरूरत नहीं रहेगी। वाहन पर लगी नीली झंडी विधायक के संवैधानिक पद और जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी पहचान को दर्शाएगी। इससे विधायकों के वाहनों की अलग पहचान भी आसानी से हो सकेगी।

लाल बत्ती से झंडी तक, VIP वाहनों की पुरानी पहचान हुई खत्म
पहले विधायकों की गाड़ियों को दूर से पहचानना आसान होता था। वाहनों पर लगी झंडी और फ्लैशर उनकी विशिष्ट पहचान माने जाते थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 10 दिसंबर 2013 के फैसले के बाद VIP वाहनों को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव आया।
केंद्र सरकार ने इसके बाद 1 मई 2017 से सभी रंगों की बीकन लाइट पर प्रतिबंध लागू किया। केवल आपातकालीन और कुछ विशेष सेवाओं को छूट दी गई। नई व्यवस्था में विधायकों और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों की गाड़ियों से भी झंडी और फ्लैशर हट गए। यानी सड़क पर जनप्रतिनिधियों के वाहनों की अलग VIP पहचान वाली पुरानी व्यवस्था पूरी तरह बदल गई।

2021 से 2026 तक चला विधायकों की झंडी का विवाद, अब कैबिनेट ने लिया फैसला
विधायकों की निजी गाड़ियों पर झंडी लगाने का मुद्दा अचानक नहीं उठा, बल्कि पिछले करीब पांच वर्षों से यह मामला सरकार और विधानसभा के बीच चर्चा का विषय रहा है। 2021 में प्रस्ताव स्वीकार किए जाने से शुरू हुआ यह सिलसिला नियमों में संशोधन, चालान और विधानसभा में बहस से होते हुए जुलाई 2026 में कैबिनेट के फैसले तक पहुंचा।

Translate »
error: Content is protected !!