thetargetnews.in ब्यूरो: पंजाब में बदलते मौसम के बीच स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, बस सतर्क रहने की आवश्यकता है। सिविल सर्जन ने आम जनता से अपील की है कि वे फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लें।
स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू की तरह ही होते हैं, लेकिन यदि समय पर इलाज न मिले तो यह गंभीर रूप ले सकता है। विभाग ने लोगों को साफ-सफाई रखने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है।
सिविल सर्जन ने कहा, ‘स्वाइन फ्लू से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि किसी को तेज बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच करवाएं। हमारे पास पर्याप्त दवाएं और टेस्टिंग किट उपलब्ध हैं।’
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देश
- हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं या सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें और सामाजिक दूरी का पालन करें।
- पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श करें।
विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वे फ्लू के संदिग्ध मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड तैयार रखें। इसके साथ ही, आशा वर्करों और एएनएम को भी जमीनी स्तर पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी संभावित प्रकोप को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।



















