संगरूर। राजवीर दीक्षित
(Major action in Sidhu torture case; DSP transferred) मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम में काले झंडे दिखाने और उसके बाद पुलिस हिरासत में कथित प्रताड़ना के आरोपों से जुड़े मोहनजीत सिंह सिद्धू मामले में पंजाब सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। मामले में कथित लापरवाही और ड्यूटी में कोताही के चलते सुनाम के DSP हरविंदर सिंह का तबादला कर दिया गया है। वहीं, SHO समेत तीन पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है।
पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपने के साथ तत्काल प्रभाव से नई जगह रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
DSP हरविंदर सिंह का तबादला
पंजाब के DGP की ओर से जारी आदेश के तहत DSP सब-डिवीजन सुनाम हरविंदर सिंह को मौजूदा पद से हटाकर DSP, 1st CDO बटालियन, बहादुरगढ़, पटियाला के रिक्त पद पर तैनात किया गया है।
उन्हें बिना देरी किए नई पोस्टिंग पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
SHO समेत 3 अधिकारी पुलिस लाइन भेजे
SSP संगरूर की ओर से जारी आदेश में तीन पुलिस अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन संगरूर भेजा गया है।
इनमें:
- इंस्पेक्टर प्रतीक जिंदल — SHO, सिटी सुनाम
- SI बलजीत सिंह — SHO, थाना चीमा
- ASI हरप्रीत सिंह — इंचार्ज, ZP सिटी सुनाम
तीनों अधिकारियों को तुरंत पुलिस लाइन में रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं।
2 सितंबर को CM के कार्यक्रम में हुआ था विवाद
मामला 2 सितंबर को संगरूर के शेरों गांव में आयोजित मुख्यमंत्री भगवंत मान के लोक मिलनी कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान गांव निवासी मोहनजीत सिंह सिद्धू ने कथित तौर पर अपने घर की छत से काला झंडा दिखाया था।
बताया गया कि वह मुख्यमंत्री से करीब 200 मीटर की दूरी से सवाल भी कर रहा था। कार्यक्रम में मौजूद सुरक्षा और स्थानीय पुलिस ने बाद में उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मोहनजीत के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। उसका डोप टेस्ट भी पॉजिटिव बताया गया। हालांकि पंचायत की गारंटी के बाद उसे छोड़ दिया गया।
रिहाई के बाद पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
रिहा होने के बाद मोहनजीत सिंह सिद्धू ने पुलिस हिरासत में कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के गंभीर आरोप लगाए। उसने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उसके साथ मारपीट की गई, बाल खींचे गए और करंट लगाया गया।
मोहनजीत ने यह भी आरोप लगाया कि DSP ने खुद उसे बिजली के झटके दिए। इन आरोपों के बाद वह संगरूर के सिविल अस्पताल में भर्ती हुआ। अस्पताल से जुड़ा उसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
अब जांच और कार्रवाई पर नजर
मामले में पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद अब जांच की दिशा महत्वपूर्ण हो गई है। सरकार और पुलिस विभाग की कार्रवाई के बीच यह स्पष्ट होना बाकी है कि हिरासत के दौरान मोहनजीत के साथ वास्तव में क्या हुआ और लगाए गए आरोपों की जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।
फिलहाल DSP के तबादले और तीन अधिकारियों को लाइन हाजिर किए जाने से पंजाब पुलिस महकमे में इस मामले को लेकर कार्रवाई का संदेश साफ है।



















