श्रीनगर। राजवीर दीक्षित
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में एक कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाए जाने के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल के बीच मतभेद सामने आ गए हैं। कांग्रेस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से अपने पुराने रुख पर कायम रहने की अपील की है, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने साफ किया कि गठबंधन सहयोगी होने के बावजूद कांग्रेस उस पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकती।
मामला जम्मू-कश्मीर के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान सामने आया, जहां राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण गाया गया। इसके बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कार्यक्रम का वीडियो साझा करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस से कांग्रेस के साथ खड़े रहने की अपील की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दिया कांग्रेस को जवाब
नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से कहा गया कि वंदे मातरम कितना गाना है या किस तरह गाना है, यह तय करने का अधिकार कांग्रेस को नहीं है। पार्टी नेता बशीर अहमद ने कहा कि गठबंधन सहयोगी अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन अपना फैसला दूसरे दल पर नहीं थोप सकते।
उन्होंने इसे लोगों की पसंद से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी किसी पर भी अपना फैसला थोपने के पक्ष में नहीं है।
कांग्रेस ने दो पैरा को लेकर तय किया है रुख
कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम के शुरुआती दो पैरा ही गाने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि जिस संस्करण को पहले अपनाया गया था, उसे ही जारी रखा जाना चाहिए। कांग्रेस के मुताबिक इसका उद्देश्य गीत को सांप्रदायिक विवाद से दूर रखना है।
यह फैसला उस समय आया था जब पार्टी कार्यक्रम में वंदे मातरम के गायन को लेकर विवाद खड़ा हुआ था और बीजेपी ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत का सम्मान नहीं करने के आरोप लगाए थे।
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर मुस्लिम लीग जैसी राजनीति करने का आरोप लगाया गया। इस बयान के बाद वंदे मातरम को लेकर सियासी बहस और तेज हो गई है।
केंद्र ने जारी किए थे नए दिशा-निर्देश
केंद्र सरकार ने इससे पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन के गायन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। निर्देशों में दोनों के सही बोल, उच्चारण और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने पर जोर दिया गया है।
नए प्रोटोकॉल के मुताबिक, यदि किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम और जन गण मन दोनों गाए या बजाए जाते हैं, तो पहले वंदे मातरम और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। वहीं, किसी राज्य का अपना राज्य गीत होने पर क्रम राज्य गीत, वंदे मातरम और फिर जन गण मन रहेगा।
वंदे मातरम को लेकर सामने आया यह विवाद अब सिर्फ गीत के गायन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन के भीतर मतभेदों को भी उजागर कर रहा है।













