चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
पंजाब की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे भगत चुन्नी लाल का 94 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी और उनका जालंधर-पठानकोट रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार देर रात करीब 12:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
भगत चुन्नी लाल वर्तमान कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के पिता थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
आज शाम 5 बजे होगा अंतिम संस्कार
परिवार के अनुसार, अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को रखा जाएगा। इसके बाद आज, गुरुवार शाम 5 बजे, जालंधर के बस्ती शेख स्थित श्मशान घाट, मॉडल हाउस रोड में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अंतिम यात्रा में पंजाब के विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल होने की उम्मीद है।
पंजाब सरकार ने आधे दिन की छुट्टी का किया ऐलान
भगत चुन्नी लाल के निधन पर पंजाब सरकार ने आधे दिन की छुट्टी का ऐलान किया है।
ऐसा रहा भगत चुन्नी लाल का राजनीतिक सफर
भगत चुन्नी लाल पंजाब की राजनीति में एक सम्मानित और अनुभवी चेहरा रहे। अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने जनसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2012 से 2017 तक अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल में वह पंजाब के स्थानीय निकाय और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे।
इसके अलावा वह पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके थे।
भगत चुन्नी लाल जालंधर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र, जिसे अब जालंधर पश्चिम के नाम से जाना जाता है, से तीन बार विधायक चुने गए थे।
राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
उनके निधन पर पंजाब के राजनीतिक गलियारों में गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई है।
नेताओं ने कहा कि भगत चुन्नी लाल एक सुलझे हुए, ईमानदार और जनप्रिय नेता थे। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और जनसेवा को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से पंजाब की राजनीति में एक बड़ी कमी महसूस होगी।



















