Home Chandigarh राघव चड्ढा के वोट पर सियासी घमासान, AAP ने उठाए सवाल

राघव चड्ढा के वोट पर सियासी घमासान, AAP ने उठाए सवाल

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(Political row over Raghav Chadha’s vote; AAP raises questions) पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के दिल्ली में वोट बनने को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी प्रक्रिया और वोट ट्रांसफर को लेकर सवाल खड़े किए।

ढांडा के मुताबिक, राघव चड्ढा ने 26 अगस्त को दिल्ली में वोट बनवाने के लिए आवेदन किया था और 2 सितंबर को राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र में उनका वोट दर्ज हो गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस तेजी से वोट बना, उतनी तेज गति से तो बुलेट ट्रेन भी नहीं चलती।

वोट बनने की टाइमिंग पर AAP ने उठाए सवाल

अनुराग ढांडा ने कहा कि अगर राघव चड्ढा का वोट 2 सितंबर को ही दिल्ली में बन गया था, तो इसके अगले दिन उन्होंने पंजाब की वोटर लिस्ट को लेकर सवाल क्यों उठाए। AAP ने इसी टाइमिंग को लेकर भाजपा और चुनावी प्रक्रिया पर निशाना साधा।

मोहाली की वोटर लिस्ट को लेकर पहले उठाया था मुद्दा

दरअसल, राघव चड्ढा ने पहले दावा किया था कि मोहाली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम हटा दिया गया और उन्हें ‘शिफ्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया। उन्होंने इसे सामान्य क्लेरिकल गलती के बजाय कथित साजिश बताया था और SIR प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराने की बात कही थी।

‘बीजेपी मनमर्जी से वोट बनवा-कटवा रही’

AAP नेता ढांडा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में काम कर रहा है और राजनीतिक दबाव के आधार पर वोट जोड़ने-काटने की प्रक्रिया हो रही है।

हालांकि, ये AAP नेता के आरोप हैं और चुनाव आयोग या भाजपा की ओर से इन दावों पर प्रतिक्रिया इस जानकारी में सामने नहीं आई है।

पते और वोटर क्षेत्र को लेकर भी सवाल

ढांडा ने राघव चड्ढा के दिल्ली स्थित पते को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि राघव चड्ढा को पंडारा रोड पर आवास मिला है, जबकि उनका वोट राजिंदर नगर में बनाया गया है। AAP ने सवाल किया कि एक अलग क्षेत्र में वोट दर्ज होने की प्रक्रिया किस आधार पर हुई।

इस पूरे विवाद के बीच राघव चड्ढा के दिल्ली में वोट बनने और पंजाब की वोटर लिस्ट में उनके नाम को लेकर उठे सवाल अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गए हैं।

Translate »
error: Content is protected !!