टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: हाल ही में संपन्न हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद सोशल मीडिया और कुछ अनधिकृत पोर्टल्स पर यह दावा किया गया था कि सम्मेलन में शामिल हुए कई वैश्विक नेता बीमार पड़ गए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से निराधार और ‘फेक अलर्ट’ करार दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की भ्रामक खबरें केवल जनमानस में भ्रम फैलाने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं।
विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर इन अफवाहों पर विराम लगा दिया है। मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अत्यंत सफल रहा और इसमें भाग लेने वाले सभी राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि पूरी तरह स्वस्थ हैं। किसी भी नेता के स्वास्थ्य को लेकर आई खबरें पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ‘ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं के बीमार होने की खबरें पूरी तरह से फर्जी हैं। हम जनता से आग्रह करते हैं कि वे ऐसी अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें।’
अफवाहों का सच
डिजिटल युग में गलत सूचनाओं का प्रसार तेजी से होता है। ब्रिक्स जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन के बाद इस तरह की अफवाहें न केवल राजनयिक संबंधों को प्रभावित करने का प्रयास करती हैं, बल्कि देश की छवि को भी नुकसान पहुँचाती हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सूचनाओं को फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
मुख्य बिंदु:
- विदेश मंत्रालय ने ब्रिक्स नेताओं के बीमार होने की खबरों को ‘फेक’ बताया।
- सम्मेलन में शामिल सभी नेता पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
- सरकार ने नागरिकों से केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेने की अपील की है।
- भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए साइबर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
यह घटना एक बार फिर से इस बात की पुष्टि करती है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी सत्य नहीं होती। किसी भी संवेदनशील खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना अत्यंत आवश्यक है।



















