टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: दुबई में आयोजित महिला एशिया कप के फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से करारी शिकस्त देकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम किया। हालांकि, जीत की इस चमक के बीच ट्रॉफी सेरेमनी के दौरान एक अजीब वाकया देखने को मिला, जब भारतीय खिलाड़ियों ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से परहेज किया। इस घटना ने खेल जगत में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
विवाद की जड़ और बीसीसीआई का पक्ष
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भारतीय टीम ने मंच पर मौजूद अधिकारियों के बजाय खुद ही ट्रॉफी को रिसीव करने का फैसला किया। इस पूरे मामले पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सफाई देते हुए कहा कि बोर्ड ने आयोजकों को पहले ही सूचित कर दिया था और यह निर्णय पूरी तरह से टीम का सामूहिक फैसला था।
बीसीसीआई के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यह कोई राजनीतिक विरोध नहीं था, बल्कि प्रोटोकॉल और टीम की अपनी प्राथमिकताओं का मामला था।
कपिल देव का मजाकिया अंदाज
जब इस पूरे विवाद पर पूर्व दिग्गज कप्तान कपिल देव से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने बेहद चतुराई और मजाकिया अंदाज में इसे टाल दिया। कपिल देव ने किसी भी तरह के विवाद में पड़ने के बजाय एक चुटीली टिप्पणी की, जिससे वहां मौजूद लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए। उन्होंने संकेत दिया कि खेल के मैदान पर जीत सबसे महत्वपूर्ण है और छोटी-मोटी बातों को तूल नहीं दिया जाना चाहिए।
मैच के मुख्य आकर्षण
- भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर आठवीं बार एशिया कप जीता।
- भारतीय बल्लेबाजों ने दुबई की पिच पर शानदार प्रदर्शन किया।
- ट्रॉफी सेरेमनी के दौरान बीसीसीआई और एसीसी के बीच समन्वय पर सवाल उठे।
- कपिल देव की टिप्पणी ने विवाद को हल्का करने का काम किया।
फिलहाल, भारतीय महिला टीम की इस ऐतिहासिक जीत पर पूरा देश गर्व कर रहा है और बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले को अब और अधिक तूल देने की आवश्यकता नहीं है।



















