टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को बेनकाब करते हुए आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया है। भारत ने वैश्विक मंच पर तल्ख लहजे में कहा कि 9/11 हमले के मास्टरमाइंड किसी सुदूर गुफाओं में नहीं, बल्कि पाकिस्तान की सुरक्षित पनाहगाहों में छिपे हुए थे। यह बयान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के वित्तपोषण के मुद्दे पर भारत की ओर से अब तक का सबसे कड़ा रुख माना जा रहा है।
आतंकवाद पर दोहरे मापदंडों की पोल
भारत के स्थायी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र की बैठक के दौरान कहा कि दुनिया को यह समझने की जरूरत है कि आतंकवाद को पालने वाले देश अब अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। भारत ने स्पष्ट किया कि ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकियों का एक पड़ोसी देश में पाया जाना इस बात का पुख्ता सबूत है कि वहां आतंकवाद को राजकीय संरक्षण प्राप्त है।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आधे-अधूरे मन से काम नहीं चलेगा। जो देश आतंकवाद को अपनी विदेश नीति का हथियार बनाते हैं, उन्हें वैश्विक समुदाय द्वारा अलग-थलग किया जाना चाहिए।
प्रमुख बिंदु:
- भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद का ‘वैश्विक केंद्र’ करार दिया।
- 9/11 के साजिशकर्ताओं की मौजूदगी ने पाकिस्तान के दावों की पोल खोल दी है।
- भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
- सीमा पार से जारी आतंकवाद को भारत ने क्षेत्रीय शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती धमक
भारत ने अपने संबोधन में यह भी जोड़ा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। भारत ने साफ किया कि जब तक आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट नहीं किया जाता, तब तक शांति की बात करना बेमानी है। भारत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में आतंकवाद के नए स्वरूपों पर चर्चा हो रही है।



















