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बर्फ से ढका मणिमहेश, यात्रा पर लगा ब्रेक! हड़सर और धनछो में श्रद्धालुओं को रोका

चंबा । राजवीर दीक्षित

(Snow-covered Manimahesh; pilgrimage halted! Pilgrims stopped at Hadsar and Dhanchho) श्री मणिमहेश यात्रा के अंतिम चरण में मौसम ने अचानक कड़े तेवर दिखाए हैं। डल झील यानी शिव कुंड के आसपास करीब तीन इंच बर्फबारी से पूरा क्षेत्र सफेद चादर में ढक गया है। गौरीकुंड तक बर्फबारी होने के कारण यात्रा मार्ग पर फिसलन बढ़ गई है और तापमान में भी गिरावट आई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हड़सर से धनछो और आगे ऊपरी पड़ावों की ओर जाने पर रोक लगा दी है।

मणिमहेश यात्रा पर मौसम का वार! बर्फबारी के बाद 13 KM ट्रैक पर बढ़ा खतरा

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक हुई बर्फबारी ने मणिमहेश यात्रा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यात्रा प्रबंधन समिति भरमौर के अध्यक्ष की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, ऊंचाई वाले इलाकों में करीब 3 इंच तक बर्फ गिरने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
बर्फबारी और गिरते तापमान के चलते 13 किलोमीटर लंबा पथरीला यात्रा मार्ग अब श्रद्धालुओं के लिए ज्यादा जोखिम भरा हो गया है। फिसलन, ठंड और कठिन रास्ते को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई हैमार्ग पर तैनात सेक्टर अधिकारियों, पुलिस जवानों, होमगार्ड और स्वयंसेवकों को आदेशों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

मणिमहेश में आस्था का सैलाब, राधाष्टमी से पहले रोके गए श्रद्धालु

मणिमहेश यात्रा में राधाष्टमी से पहले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 19 सितंबर को डल झील में होने वाले मुख्य शाही स्नान को लेकर धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 17 और 18 सितंबर को शिव चेलों की पारंपरिक यात्रा समेत कई अहम रस्में होनी हैं। इसी कारण डल की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं की आवाजाही को फिलहाल नियंत्रित किया गया है और उन्हें सुरक्षित पड़ावों पर रोक दिया गया है।
एक तरफ लगातार बारिश… दूसरी तरफ पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी… और इसी के बीच मणिमहेश यात्रा पर अस्थायी ब्रेक लगा दिया गया है। क्षेत्र में करीब 3 इंच तक बर्फबारी होने से ट्रैक पर फिसलन और आवाजाही का खतरा बढ़ गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने आगे की यात्रा रोक दी है। अब हर कदम मौसम और रास्ते की स्थिति देखकर उठाया जाएगा।

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