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पूर्व मंत्री के ठिकानों पर ED की रेड! ₹248 करोड़ के मामले में 3 जगह छापेमारी

गुरुग्राम। राजवीर दीक्षित 

(ED raids former minister’s premises! Searches conducted at 3 locations in connection with a ₹248 crore case) हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा से जुड़े गुरुग्राम के तीन ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 17 सितंबर को छापेमारी की। यह कार्रवाई रियल एस्टेट कंपनी वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई।

ED के मुताबिक, जांच के दायरे में वाटिका के चार प्रोजेक्ट्स हैं, जिनमें करीब 661 निवेशकों से 248.46 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। निवेशकों को समय पर कब्जा, सुनिश्चित रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड का भरोसा दिया गया था, लेकिन एजेंसी के अनुसार अब तक न तो कब्जा दिया गया और न ही वादे के मुताबिक सेल डीड पूरी हुई।

इसी मामले में ED ने PMLA की धारा 17 के तहत गोपाल कांडा से जुड़े गुरुग्राम स्थित घर, फार्महाउस और ऑफिस पर तलाशी ली। जांच एजेंसी कथित तौर पर फंड के डायवर्जन और उसके बाद रकम के कांडा से जुड़ी अलग-अलग कंपनियों में ट्रांसफर होने की वित्तीय कड़ी की जांच कर रही है।

रेडियो रिपेयर की दुकान से कारोबार तक का सफर

गोपाल कांडा का शुरुआती कारोबार सिरसा में रेडियो रिपेयर की दुकान से शुरू होने की बात सामने आती है। इसके बाद उन्होंने जूते-चप्पल के कारोबार में कदम रखा और फिर रियल एस्टेट समेत कई क्षेत्रों में कारोबार का विस्तार किया।

करीब वर्ष 2000 के आसपास गुरुग्राम में रियल एस्टेट कारोबार के विस्तार के साथ कांडा की कारोबारी पहचान भी बढ़ी। उस दौर में गुरुग्राम तेजी से कॉरपोरेट हब के रूप में विकसित हो रहा था और जमीनों की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही थी।

इसके बाद कांडा ने एविएशन सेक्टर में भी कदम रखा और 2007 में MDLR एयरलाइंस शुरू की। हालांकि बाद में एयरलाइंस बंद हो गई। उनके कारोबारी नेटवर्क में रियल एस्टेट के अलावा अन्य क्षेत्रों की कंपनियां भी शामिल रहीं।

सिरसा में आलीशान घर और हेलीपैड

2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे के मुताबिक, गोपाल कांडा ने करीब 70 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति घोषित की थी। सिरसा में उनका करीब ढाई एकड़ में बना आलीशान आवास भी चर्चा में रहा है, जहां हेलीपैड होने की बात भी सामने आई थी।

फिलहाल ED की कार्रवाई का फोकस 248.46 करोड़ रुपये के कथित फंड डायवर्जन और उससे जुड़े मनी ट्रेल पर है। मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ वित्तीय लेन-देन से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।

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