टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने दावा किया कि बीजेपी के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है, क्योंकि देश की संस्थाओं पर सरकार का पूर्ण नियंत्रण है। उन्होंने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए सद्दाम हुसैन और किम जोंग उन जैसे तानाशाहों का जिक्र करते हुए राजनीतिक माहौल पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
संस्थाओं पर कब्जे का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि जब किसी देश में स्वतंत्र संस्थाएं निष्पक्ष काम करना बंद कर देती हैं, तो वहां सत्ता विरोधी लहर का दिखना असंभव हो जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि भारत में भी कुछ ऐसा ही माहौल तैयार किया गया है। राहुल ने कहा, ‘सद्दाम हुसैन और किम जोंग उन के देशों में भी कभी सत्ता विरोधी लहर नहीं दिखती थी, क्योंकि वहां चुनाव और संस्थाएं स्वतंत्र नहीं थीं।’
चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा, ‘जब चुनाव आयोग, जांच एजेंसियां और मीडिया सरकार के इशारे पर काम करने लगें, तो विपक्ष के लिए जगह खत्म हो जाती है। यह लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है।’
प्रमुख बिंदु
- राहुल गांधी ने बीजेपी की चुनावी जीत को संस्थागत नियंत्रण से जोड़ा।
- सद्दाम हुसैन और किम जोंग उन का उदाहरण देकर लोकतांत्रिक गिरावट की चेतावनी दी।
- चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर फिर से गंभीर सवाल खड़े किए।
- विपक्ष के लिए समान अवसर (Level Playing Field) न होने का दावा किया।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी ने पलटवार करते हुए इसे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान बताया है। वहीं, राहुल गांधी अपने रुख पर कायम हैं और लगातार संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर आवाज उठा रहे हैं।



















