द टारगेट न्यूज़:
दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान चंडीगढ़-रोपाड़ हाईवे पर खरड़ और कुराली के पास दिनभर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। सड़क किनारे बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे लोगों की भीड़, अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण ने इस समस्या को और अधिक गंभीर बना दिया। कुराली बाईपास के पास सबसे बड़ा ट्रैफिक बॉटलनेक देखने को मिला, जहां हाईवे के किनारे अस्थायी पटाखों के स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉल के पास लगभग एक किलोमीटर के हिस्से में वाहन तीन से चार लाइनों में रेंगते नजर आए और ट्रैफिक लगभग ठप हो गया। दोपहर के समय ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सीमित मौजूदगी और जाम से निकलने की जल्दबाजी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। हर साल दिवाली के आसपास कुराली बाईपास और कुराली-मोरंडा हाईवे पर थोक विक्रेताओं और अस्थायी लाइसेंस धारकों द्वारा पटाखों की बिक्री के लिए 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाते हैं। घर लौट रहे लोग भी दिवाली की रात के लिए पटाखे खरीदने के लिए यहां रुकते हैं। कुराली शहर में उत्तर भारत का सबसे बड़ा थोक पटाखा बाजार है, जहां बादली रोड पर थोक विक्रेताओं के स्थायी गोदाम संचालित होते हैं। खरड़ और कुराली में वर्तमान में 100 से अधिक पटाखों के स्टॉल चल रहे हैं, जबकि प्रशासन को दोनों कस्बों में पटाखों की बिक्री के लिए केवल सात लाइसेंसों के वास्ते 31 आवेदन ही प्राप्त हुए थे। पूरे जिले में 43 अस्थायी लाइसेंसों के लिए कुल 2,118 आवेदन मिले थे, जिनमें से 2,097 वैध पाए गए। प्रशासन द्वारा जिले में पटाखे बेचने के लिए केवल 15 स्थान तय किए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस साल खरड़ के नयागांव इलाके से एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। स्थानीय पटाखा विक्रेता अमन सिंगला ने बताया कि बाहुबली बम, 50-इन-वन और 100-इन-वन शॉट, लड़ियां, फुलझड़ियां और अन्य पटाखों की हमेशा की तरह इस बार भी भारी मांग है। दुकानदार दिवाली से पहले के सप्ताह का बेसब्री से इंतजार करते हैं, जिसमें उन्हें अच्छी बिक्री होती है और वे साल भर के लिए मुनाफा कमाते हैं। इस बीच, मोहाली और जीरकपुर के बाजारों में भी भारी भीड़ देखी गई, जहां खरीदार सजावटी सामान, मिठाइयां, उपहार और दीये खरीदने के लिए उमड़े। मोहाली के फेज 3बी2, फेज 7 और फेज 9 के साथ-साथ जीरकपुर के पटियाला रोड और वीआईपी रोड पर भी ट्रैफिक जाम की खबरें आईं। खरड़ के अमयरा ग्रींस के निवासी बृजेश शर्मा ने कहा कि लोगों ने अपने सगे-सम्बन्धी रिश्तेदारों के लिए मिठाइयां और उपहार खरीदे क्योंकि अगले दिन वे दोस्तों से मिलने और पूजा की तैयारियों में व्यस्त रहेंगे। बच्चों ने भी पटाखा स्टॉलों पर खूब भीड़ जुटाई। केबीके हाउसिंग सोसायटी गाजीपुर के निवासी कार्तिक Khanna, हर्षित अग्रवाल और कनिष्क गोयल ने बताया कि पटाखों की कीमतें आसमान छू रही हैं, इसलिए उनके समेत 10 बच्चों के समूह ने मिलकर पैसे जुटाए हैं और वे अपनी सोसायटी में एक साथ मिलकर दिवाली मनाएंगे।













