Home Controversy LPU बवाल में नया मोड़: इन्फ्लुएंसर पर हिंसा भड़काने का लगाया आरोप

LPU बवाल में नया मोड़: इन्फ्लुएंसर पर हिंसा भड़काने का लगाया आरोप

फगवाड़ा। राजवीर दीक्षित 

(New twist in LPU row: Influencer accused of inciting violence) लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए हिंसक बवाल के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर छात्रा रम्या मिश्रा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने इन्फ्लुएंसर मोहम्मद फरहत पर हिंसा भड़काने और भीड़ को अंदर बुलाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

छात्रा के मुताबिक, फरहत पहले डिवीजन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) कार्यालय में पहुंचा और कथित तौर पर इशारा कर कुछ युवकों को अंदर बुलाया। इसके बाद कार्यालय में तोड़फोड़ और CCTV कैमरों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।

फरहत ने सोशल मीडिया पर इन आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि वह भीड़ को नुकसान पहुंचाने से रोकने की कोशिश कर रहा था। पुलिस मामले में उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

रेप के दावे से भड़का था विवाद

LPU में हिंसा से पहले सोशल मीडिया पर एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न का दावा वायरल हुआ था। पोस्ट में गर्ल्स हॉस्टल-3 में एक पुरुष कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई।

हालांकि, पुलिस और अन्य रिपोर्टों के अनुसार इस दावे की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के लिए SIT गठित की है। LPU प्रशासन ने भी वायरल आरोपों को निराधार बताया है।

अफवाह से हिंसा तक पहुंचा मामला

सोशल मीडिया पर फैले दावों के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। कैंपस में तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं। जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग भी लंबे समय तक प्रभावित रहा।

40 छात्र जांच के घेरे में

LPU ने हिंसा में शामिल छात्रों की पहचान के लिए तीन सदस्यीय अनुशासन समिति बनाई है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक करीब 30 से 40 छात्र जांच के दायरे में हैं। CCTV फुटेज और सामने आए वीडियो की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।

पुलिस ने भी मामले की जांच के लिए SIT गठित की है।

चांसलर अशोक मित्तल का बयान

LPU के चांसलर और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल से जब फगवाड़ा में भाजपा की ‘नशामुक्त पंजाब’ यात्रा के दौरान यूनिवर्सिटी में हुए बवाल को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल वह रैली के बारे में बात करेंगे और यूनिवर्सिटी के मामले पर अलग से बात करेंगे।

22 घंटे तक मचा रहा बवाल

LPU में शनिवार रात से रविवार तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के साथ यूनिमॉल में भी नुकसान की खबरें सामने आईं। प्रदर्शन के चलते हाईवे पर यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। विश्वविद्यालय ने 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं भी आगे बढ़ा दी गई हैं।

अब जांच के केंद्र में दो बड़े सवाल हैं—सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यौन उत्पीड़न का दावा कितना सच है और LPU में हिंसा व तोड़फोड़ के पीछे वास्तव में कौन लोग शामिल थे? पुलिस की SIT और यूनिवर्सिटी की जांच से इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।

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