Home Legal SC ने कहा- समय तय करो, 24 घंटे नहीं चलेगी आतिशबाजी

SC ने कहा- समय तय करो, 24 घंटे नहीं चलेगी आतिशबाजी

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित 

(SC said: Fix a time; firecrackers cannot be burst for 24 hours) पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध का सवाल अलग है, लेकिन 24 घंटे आतिशबाजी की अनुमति भी नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने त्योहार मनाने की धार्मिक भावनाओं और प्रदूषण व स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया।

सरकार तय करे आतिशबाजी का समय

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले की पीठ ने कहा कि पटाखे जलाने के लिए समय-सीमा तय करना जरूरी है। मकसद यह है कि त्योहार मनाने का अवसर भी रहे और आम लोगों को ध्वनि व वायु प्रदूषण से परेशानी न हो।

ग्रीन क्रैकर्स पर सीमित छूट का प्रस्ताव

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से नेक्स्ट-जेनरेशन जॉइंट ग्रीन क्रैकर्स को सीमित और शर्तों के साथ अनुमति देने का प्रस्ताव रखा गया। इन पटाखों को CSIR-NEERI के सहयोग से विकसित किए जाने की बात कही गई है। प्रस्ताव के अनुसार इनका निर्माण केवल अधिकृत निर्माता कर सकेंगे और निर्धारित उत्सर्जन, शोर व सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी होगा।

बेरियम और शोर पर सख्ती

कोर्ट ने पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बेरियम, डेसिबल स्तर और फायर सेफ्टी टेस्टिंग से जुड़े पहलुओं पर भी जानकारी मांगी है। ग्रीन क्रैकर्स के संबंध में सुप्रीम कोर्ट पहले भी कम उत्सर्जन वाली तकनीक और प्रमाणित उत्पादों पर जोर दे चुका है।

दिल्ली-NCR में पहले से सख्त नियम

सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेशों में दिल्ली-NCR में पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। 2025 के आदेश में कोर्ट ने संतुलित व्यवस्था की जरूरत पर जोर देते हुए प्रमाणित ग्रीन क्रैकर्स के निर्माण की अनुमति से जुड़ी शर्तें भी रखी थीं।

15 अक्टूबर को अगली सुनवाई

मामले में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी। अब निगाह इस बात पर है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां पटाखों के समय, शोर, उत्सर्जन और प्रमाणन को लेकर क्या व्यवस्था पेश करती हैं।

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