चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
मोहाली की विशेष CBI अदालत ने वर्ष 2004-05 के चावल खरीद मामले में भारतीय खाद्य निगम (FCI) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी और चार राइस मिल मालिकों समेत पांच दोषियों को एक से चार साल तक की कैद की सजा सुनाई है। यह मामला फिरोजपुर जिले के जलालाबाद स्थित FCI केंद्र से जुड़ा हुआ है।
FCI के जिला कार्यालय मोगा डिपो में सहायक ग्रेड-1 (AG-I) के पद पर तैनात रहे सेवानिवृत्त अधिकारी रमन लाल मीणा (75) तथा गलहोत्रा इंडस्ट्रीज, जलालाबाद वेस्ट के मालिक संजीव कुमार (53) और रजनीश कुमार (56) को सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश के आरोप में एक-एक साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया गया है।
वहीं, जलालाबाद स्थित RK इंडस्ट्रीज के मालिक अमित कुमार को चार साल की कठोर कैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
जबकि JK राइस मिल्स, जलालाबाद वेस्ट के मालिक संजय कुमार को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के मामले में एक साल की कठोर कैद की सजा दी गई है।
मामले के अनुसार, आरोपियों ने जलालाबाद स्थित FCI की यूनिट-II के स्टैक-वाइज रजिस्टर में कथित तौर पर हेरफेर किया था और चावल के अनुबंध की स्थिति में बदलाव किया था।
यह अनुबंध गलहोत्रा राइस मिल द्वारा FCI को सप्लाई किए गए चावल की एकमात्र खेप से संबंधित था।
CBI ने संयुक्त औचक जांच के दौरान चावल के स्टैक से नमूने एकत्र किए थे। बाद में केंद्रीय अनाज विश्लेषण प्रयोगशाला (CGAL) में इन नमूनों की जांच की गई, जिसमें चावल निर्धारित उचित औसत गुणवत्ता (FAQ) मानकों से अधिक खराब पाया गया।
इस मामले में CBI ने 25 अप्रैल 2011 को आरोपपत्र दाखिल किया था।
वहीं, अदालत ने इस मामले में अन्य 12 आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
बरी किए गए आरोपियों में सरदूल सिंह, रमणिक कुमार, प्रवेश कुमार, अनिल कुमार, विमल सिडाना, दर्शन लाल, अश्वनी कुमार, हंस राज, संजीव कुमार (पुत्र हुकम चंद), हरप्रीत कंबोज, बलबीर चंद और पवन कुमार शामिल हैं।

















