चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(ETT teachers up in arms! Protest outside Sisodia’s residence) पंजाब के करीब 180 ETT शिक्षक शुक्रवार को अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर चंडीगढ़ पहुंचे और सेक्टर-39 में आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। शिक्षक अपने परिवार और बच्चों के साथ पहुंचे।
शिक्षकों का कहना है कि वे अपनी नौकरी, वेतन और पे-स्केल से जुड़े मुद्दों पर सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वे पहले भी अधिकारियों और मंत्रियों से मिल चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं हुआ। सितंबर में भी सिसोदिया के आवास के बाहर प्रदर्शन की योजना सामने आई थी।
रास्ते में रोकने का आरोप, सड़क पर लेटे शिक्षक
शिक्षकों के मुताबिक, वे सिसोदिया से मिलने के लिए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर और लेटकर नारेबाजी की। कुछ शिक्षकों को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपनी मांगें रखने के लिए आए हैं।
‘आधी सैलरी में घर चलाना मुश्किल’
ETT शिक्षकों की प्रमुख मांग पे-स्केल में समानता की है। उनका दावा है कि समान भर्ती से जुड़े दूसरे शिक्षकों को पंजाब सरकार का पे-स्केल मिल रहा है, जबकि उन्हें केंद्रीय 7वें वेतन आयोग के स्केल के तहत वेतन दिया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इससे उनकी सैलरी में बड़ा अंतर पैदा हो गया है।
पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर भी ETT शिक्षकों के वेतन से संबंधित पत्र और 2026 का पे-स्केल केस सूचीबद्ध है।
2016 की भर्ती से जुड़ा विवाद
शिक्षकों का मौजूदा विवाद 2016 की ETT भर्ती से जुड़ा है। यह भर्ती पिछली SAD-BJP सरकार के समय हुई थी। बाद में भर्ती प्रक्रिया में कथित खामियों को लेकर शिक्षकों को सेवा से हटाया गया और बाद में कोर्ट के आदेश के बाद उनकी बहाली हुई।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि बाद की IAS रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी गड़बड़ी के लिए शिक्षा विभाग के एक क्लर्क की गलती की ओर इशारा किया गया था। शिक्षक संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ये आरोप प्रदर्शनकारियों के हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया जा सकता।
पहले भी कर चुके हैं प्रदर्शन
ETT शिक्षक इससे पहले 22 अगस्त 2026 को पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के चंडीगढ़ स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं। उस दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
अब शिक्षकों ने दोबारा चंडीगढ़ में मोर्चा खोला है। उनकी मांग है कि सरकार पे-स्केल की विसंगति और भर्ती से जुड़े लंबित मुद्दों पर बातचीत कर समाधान निकाले।


















