शिमला । राजवीर दीक्षित
(Big news for thousands of youths in Himachal! Announcement to recruit 4,000 teachers within six months) मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। सरकार के कार्यकाल में अब तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है, जबकि आने वाले छह महीनों में प्रदेश में 4 हजार और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
मुख्यमंत्री शनिवार को रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि प्रदेश में बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश में 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों में करीब 2 हजार शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा चुकी है। सरकार का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके घर-द्वार के नजदीक बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें अच्छी शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने के लिए मजबूर न होना पड़े।
इसी दिशा में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध 300 विद्यालयों को ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधनों को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की स्थिति में सुधार का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों के चलते प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इन दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों में धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के लोगों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 500 चिकित्सकों की नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के साथ-साथ अटल मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी संस्थान चमियाना को आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों में एम्स की तर्ज पर अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं। वहीं, करीब 19 वर्ष पुरानी मशीनों को भी चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है, ताकि मरीजों को आधुनिक जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 500 चिकित्सकों की नियुक्ति की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक मानव संसाधन और आधुनिक तकनीक दोनों पर सरकार का ध्यान है।
पुरानी पेंशन योजना को लेकर भी बड़ा बयान
सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में रहने तक पुरानी पेंशन योजना को बंद नहीं किया जाएगा।
वहीं, आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए भी राज्य सरकार नीति तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह नीति आने वाले समय में लागू की जाएगी, जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को व्यवस्थित तरीके से संबोधित किया जा सके।
करुणामूलक आधार पर रोजगार के पात्र मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 70 प्रतिशत मामलों का समाधान किया जा चुका है। सरकार पात्र लोगों को राहत देने की दिशा में काम कर रही है।
76 हजार करोड़ के कर्ज का मुद्दा उठाया
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस दौरान पूर्व भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार को पूर्व भाजपा सरकार से करीब 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला।
इसके अलावा कर्मचारियों से संबंधित करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां भी वर्तमान सरकार को विरासत में मिलने का दावा मुख्यमंत्री ने किया। उन्होंने कहा कि इन वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर लगातार काम कर रही है।
महिलाओं और परिवारों के लिए ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना
मुख्यमंत्री ने जनसभा में सरकार की आगामी योजना को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसी माह ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना लागू करने जा रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ ही पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का भी प्रावधान होगा।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को आर्थिक राहत देना और आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है।
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला मंडलों के लिए भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि महिला मंडलों को आवश्यक सामान खरीदने के लिए जरूरी धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
नोगली की इस विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री ने एक साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षकों की भर्ती, डॉक्टरों की नियुक्ति, पुरानी पेंशन, आउटसोर्स कर्मचारियों, करुणामूलक रोजगार, महिलाओं को आर्थिक सहायता और मुफ्त बिजली जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सरकार का पक्ष रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के विकास के साथ-साथ आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।


















